पीलीभीत में भारत-नेपाल सीमा से सटे दुर्गम गांवों में ‘गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा 6.0’ का सफल आयोजन किया गया। इस यात्रा के तहत एनएमओ भारत ट्रस्ट ने सीमावर्ती क्षेत्रों के 1025 से अधिक ग्रामीणों को उनके घर के पास ही विशेषज्ञ चिकित्सा परामर्श और निशुल्क दवाएं उपलब्ध कराईं। इस यात्रा के दौरान, विशेष चिकित्सकीय दलों ने जनपद के सात सुदूरवर्ती गांवों – नारायणपुर, इटारिया, गुलड़िया खास, रुद्रपुर, भवानीगंज, राजपुर और लाहा में शिविर लगाए। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य उन क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना था, जो भौगोलिक कठिनाइयों के कारण अक्सर मुख्यधारा की चिकित्सा सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं। शिविरों में सामान्य रोगों के साथ-साथ नेत्र, त्वचा, स्त्री रोग और बाल रोग विशेषज्ञों ने भी अपनी सेवाएं दीं। कुल 1025 से अधिक मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण और परामर्श किया गया। मरीजों की बीपी और आरबीएस (शुगर) जांच निशुल्क की गई, साथ ही आवश्यक दवाओं का वितरण भी निशुल्क किया गया। इस दौरान स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता अभियान भी चलाया गया। इस कार्यक्रम को स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, पीलीभीत की प्राचार्या डॉ. संगीता अनेजा का विशेष मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। जिला प्रभारी डॉ. निधीश कुमार (जीआईएमएस, ग्रेटर नोएडा) के नेतृत्व में डॉ. देवल अरोड़ा, डॉ. अमित सक्सेना और डॉ. बृजेन्द्र जैसे विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं दीं। परामर्शदाताओं में डॉ. अर्चना सिंह, डॉ. प्रियंका यादव, डॉ. प्राची चौहान, डॉ. शोभित सिंह, डॉ. पीयूष पचौरी और डॉ. कुलवंत सिंह शामिल थे। प्रशांत, दीपक और किरण सहित एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं ने भी शिविर संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सीमावर्ती ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना की। आयोजकों ने बताया कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का यह क्रम भविष्य में भी जारी रहेगा।
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