बस्ती जिले में कथित ‘लव जिहाद’ और धर्मांतरण के बहुचर्चित मामले में पुलिस जांच के दौरान कुछ अहम तथ्य सामने आए हैं। मामला एआईएमआईएम नेता अजफरूल हक उर्फ प्रिंस और उनके परिवार पर लगे गंभीर आरोपों से जुड़ा है। पुलिस ने बताया कि आरोप लगाने वाली महिला ने इससे पहले भी अजफरूल हक प्रिंस के खिलाफ छेड़खानी का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस के अनुसार, मुकदमा दर्ज होने के बावजूद महिला अजफरूल हक प्रिंस के साथ रह रही थी। इस तथ्य के सामने आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है और यह प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इधर, अजफरूल हक के पिता मजहर आजाद ने दैनिक भास्कर से बातचीत में सभी आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि यह मामला एक तथाकथित ‘महासंघ’ के अध्यक्ष द्वारा प्रायोजित है और पूरी तरह झूठा है। मजहर आजाद ने एफआईआर की तारीखों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि युवती ने 15 जनवरी 2026 को जो एफआईआर दर्ज कराई है, उसमें 2022 की घटना का जिक्र किया गया है, जबकि इससे पहले उसने 2024 में पुरानी बस्ती थाने और 2025 में कोतवाली थाने में भी अलग-अलग एफआईआर दर्ज कराई थीं, जिनके तथ्य एक-दूसरे से मेल नहीं खाते। उनका कहना है कि 15 जनवरी 2026 की एफआईआर में जिन बातों का उल्लेख है, वे पहले दर्ज किसी भी एफआईआर में शामिल नहीं थीं। यदि 2022 की घटना सत्य होती, तो वह 2024 या 2025 में ही सामने आ जाती। इतनी गंभीर घटना पर प्रशासन तत्काल संज्ञान लेता, खासकर तब जब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति लागू है। 300 लड़कियों के धर्मांतरण के आरोप पर मजहर आजाद ने कहा कि आरोप लगाने वाली महिला की एफआईआर में इस तरह का कोई उल्लेख नहीं है। उन्होंने इसे ‘मीडिया ट्रायल की देन’ बताते हुए न्यायपालिका पर भरोसा जताया। पीड़िता ने बताया कि प्रिंस हाथ में कलावा बांधकर खुद को हिंदू बताता था। इसी वजह से उससे बातचीत शुरू हुई। उसने उसका नंबर लिया और अस्पताल में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बुलाया, जहां उसके साथ जबरदस्ती की गई। पीड़िता का आरोप है कि शादी का झांसा देकर उसे लंबे समय तक घुमाया गया। जब वह अपने परिवार से मिलवाने की बात करती थी, तो एक दिन उसे उसके घर ले जाया गया, जहां पता चला कि पूरा परिवार मुस्लिम है। आरोप है कि इसके बाद परिवार ने धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया और उसे कमरे में बंद कर प्रिंस, उसके भाई और एक अन्य व्यक्ति ने उसके साथ दुष्कर्म किया। एसपी ने बताया कि एक महिला द्वारा शिकायत मिली थी कि अजफरूल हक उर्फ प्रिंस ने उसका शारीरिक शोषण किया है। इस तहरीर के आधार पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई है। मामले की जांच जारी है और जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। धर्मांतरण के आरोपों को लेकर एसपी ने कहा कि पीड़िता से इस संबंध में बातचीत की गई है, लेकिन अब तक की जांच में धर्मांतरण से जुड़े कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले हैं।
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