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पीठ पर मशीन लगाकर बांग्लादेशी कहने पर जांच बैठी:SHO ने कहा- पूर्व में यहीं से 5 लोग बांग्लादेशी पकड़े गए, मैंने सिर्फ मजाक में बोला

गाजियाबाद में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान के लिए उनकी पीठ पर मशीन लगाने का मामला अब शासन तक पहुंच गया है। इसके बाद लखनऊ से अधिकारियों ने गाजियाबाद पुलिस अफसरों से पूररे मामले की जानकारी ली है। इसके बाद पुलिस कमिश्नर जे रविंदर गोड के निर्देश पर एडिशनल पुलिस कमिश्नर कानून व्यवस्था ने एसीपी को जांच दी है। यह है पूरा मामला SHO कौशाम्बी अजय शर्मा की टीम के साथ यह मशीन पुलिस लगा रही। उस मशीन के हवाले से पुलिसवाले दावा कर रहे हैं कि यह भारतीय नहीं, बांग्लादेशी है। हालांकि, युवक पुलिस के इस दावे को नकारते हुए खुद को बिहार के अररिया का निवासी बता रहा। दिल्ली से सटे गाजियाबाद में कौशांबी थाना क्षेत्र के भोवापुर के पास स्लम एरिया का है। 23 दिसंबर को पीठ पर मशीन लगाकर नागरिकता जांचने की बात कौशांबी थाना को SHO अजय शर्मा ने कही। जहां मोबाइल को मशीन बताकर युवक की पीठ पर रखकर उससे सवाल कर रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद SHO की कार्यशैली पर सवाल हो रहे हैं। लोग इस तरीके की आलोचना कर रहे हैं। गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर ‘X’ पर पोस्ट वीडियो पर जवाब देते हुए लिखा, ‘अपराधों को रोकने के लिए पुलिस समय-समय पर झुग्गी-झोपड़ी और अस्थायी बस्तियों में रहने वाले लोगों से पूछताछ करती है। उनकी जांच करती है। ऐसे ही कौशांबी पुलिस ने लोगों की पहचान के लिए उनके दस्तावेज देखे।’ SHO बोले मजाक में कहा सही बताओ सवाल: आप थाना प्रभारी हैं आपकी एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आई है। जवाब: वीडियो में मेरे साथ थाना पुलिस भी है। झुग्गियों में लोगों का सत्यापन कराया जा रहा था, जिसमें मेरा मकसद सिर्फ इतना था की तलाशी के दौरान सही बता सके कि आप कहां के रहने वाले हैं। सवाल: इस क्षेत्र में सत्यापन आखिर क्यों किया जा रहा है? जवाब: इसी क्षेत्र में पूर्व में भी पांच बांग्लादेशी गिरफ्तार हो चुके हैं, जिन्हें पूर्व में जेल भेजा गया था। इसकी कौशांबी थाने में FIR भी दर्ज है, यहां जो भी झुगगी झोपड़ी में अलग-अलग लोग रह रहे हैं उनको लेकर ऊपर से निर्देश दिए गए जिनका सत्यापन कराया जा रहा है। सवाल: क्या कोई मशीन ऐसी है आपके पास जो नागरिकता चेक कर सकती है? जवाब: ऐसी कोई मशीन नहीं है, मैंने यह गलत तरीके में नहीं कहा था, मैं हंसते हुए बोल रहा था कि सही बताओ, नहीं तो मशीन बता देगी आप कहां के रहने वाले हो, मेरा मकसद सिर्फ इतना था। सवाल: आपने अभियान के दौरान बांग्लादेशी क्यों कहा? जवाब: पूर्व में इसी क्षेत्र से पांच बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार होकर जेल गए थे, जिस संबंध में थाने में पूर्व का मुकदमा दर्ज है। इसी को लेकर यह अभियान चलाया गया। एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने जांच शुरू कराई कौशांबी थाने के SHO अजय शर्मा द्वारा तलाशी के दौरान बिहार के युवक को बांग्लादेशी बताने और मशीन से चेक करने की बात कहने वाले थाना प्रभारी के खिलाफ जांच शुरू। एडिशनल पुलिस कमिश्नर आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर वीडियो का संज्ञान लिया गया है। इस मामले में इंदिरापुरम एसीपी अभिषेक श्रीवास्तव को जांच दी गई है। अब एसीपी का बयान पढ़िए एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से एक वायरल वीडियो संज्ञान में आया है। जिसकी जांच के क्रम में यह पाया गया कि वायरल वीडियो थाना क्षेत्र कौशांबी में स्थानीय पुलिस टीम के द्वारा किए जा रहे एरिया कांबिनेशन का है। एरिया कांबिनेशन के समय अस्थाई बस्ती और झुग्गी में रहने वाले निवासियों से पूछताछ और सत्यापन की प्रक्रिया की जा रही थी। इस दौरान थाना प्रभारी कौशांबी द्वारा वहां रह रहे निवासियों से वार्ता की जा रही है। इस संबंध में थाना प्रभारी कौशांबी को सख्त चेतावनी दी गई है कि ऐसी व्यवहार की भविष्य में पुनरावृत्ति ना हो सभी तथ्यों की जांच कर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।


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