कानपुर में खुद को पीएमओ अधिकारी बताकर 2 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। चकेरी थाना क्षेत्र के उमाशंकर ने आदित्य सिंह और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने एक आरोपी आदित्य सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा फरार है। उमाशंकर ने आरोप लगाया है कि कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से एक फर्जी फर्म बनाकर उनसे 2 करोड़ रुपये की ठगी की गई। उन्होंने बताया कि आदित्य सिंह ने ‘एसएसआरए’ नाम से एक फर्म खोली और अधिक मुनाफे का लालच दिया। प्लॉट बेचकर पैसे दिए, 4 साल में 2 करोड़ दे दिए उमाशंकर ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अपना प्लॉट और 15 लाख रुपये के गहने बेचकर आदित्य को पैसे दिए थे। उनके साथ-साथ उनके दोस्त अनिल, योगेन्द्र, आदित्य गुप्ता और समर शुक्ला ने भी इस फर्म में कुल 2 करोड़ रुपये का निवेश किया था। आरोप है कि आदित्य का साथी रोहित खुद को पीएमओ अधिकारी बताता था और उसने धोखाधड़ी के लिए कई फर्जी दस्तावेज दिए। इनमें सेंटर केवाईसी रजिस्ट्री, रिजर्व बैंक का लेटर, डीड, रिजर्व बैंक के नाम से प्रधानमंत्री का लेटर, 31 लाख से कंपनी का अकाउंट लेटर और शेड्यूल शामिल थे। उमाशंकर के अनुसार, उन्होंने 2021 से 2025 के बीच यह 2 करोड़ रुपये दिए थे। चकेरी पुलिस ने रविवार को उमाशंकर की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया। सोमवार को अहीरवां निवासी आरोपी आदित्य सिंह को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस अब खुद को पीएमओ अधिकारी बताने वाले रोहित की तलाश कर रही है।
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