गाजियाबाद में 9वीं मंजिल से कूदने वाली तीन सगी बहनों की डायरी मिली है। ये डायरी उनके कमरे से मिली है। डायरी में बच्चियां की जिंदगी के बारे में लिखा- पापा हमें मरना ही समझ में आ रहा है। हमें मौत ही अच्छी लगेगी। हम कोरियन से प्यार करते हैं उसे ही चाहते हैं। तो शादी इंडिया में कैसे करें। इसमें 18 पन्नें का सुसाइड नोट लिखा मिला। जिसके शुरूआती पन्ने में मम्मी-पापा के लिए लिखा है- “मम्मी-पापा सॉरी… गेम नहीं छोड़ पा रही हूं। अब आपको एहसास होगा कि हम गेम से कितना प्यार करते थे, जिसको आप छुड़वाना चाहते थे।” यहां तक वो तीनों खुद को भारतीय नहीं, बल्कि कोरियन मान चुकी थीं। उन्हें लड़के भी कोरियन पसंद आते थे। यहां तक कि वे अपना नाम भी बदल चुकी थीं। डायरी में बच्चियों की जिंदगी के बारे में क्या लिखा था… उन्होंने कोरियन लव गेम को किस तरह अपनी लाइफ में उतार लिया था, ये जानने के लिए आइए पढ़ते हैं डायरी के पन्नों को… सबसे पहले पूरा मामला समझते हैं… गाजियाबाद में तीन सगी बहनों ने 9वीं मंजिल की बालकनी से कूदकर आत्महत्या कर ली। 3 फरवरी की रात 2 बजे निशिका 16 साल, प्राची 14 साल और 12 साल की पाखी ने बालकनी पर स्टूल रखकर एक-एक करके छलांग लगा दी। तीनों बहनें टास्क-बेस्ड कोरियन लव गेम की लती थी। वे हर वक्त एक साथ रहती थीं, दिनभर गेम खेलती थी, साथ ही नहाती थीं और टॉयलेट भी जाती थीं। तीनों में गेम की लत इस कदर थी कि उन्होंने स्कूल जाना भी छोड़ दिया था। पिता ने जब तीनों को गेम खेलने से मना करते हुए डांटा और मोबाइल छीन लिया तो उन्होंने सुसाइड कर लिया। तीनों बहनें जिस कमरे में सोती थीं, वहां पुलिस को एक डायरी मिली है। डायरी के पन्नों में बहनों ने इस तरह अपने इमोशन्स बयां किए… पढ़िए वी आर लव कोरियन लव लव लव……….. सॉरी इस डायरी में जो कुछ भी लिखा है वो सब पढ़ लो, क्योंकि ये सब सच है ठीक बात…. आई एम रियली सॉरी…. सॉरी पापा तुम हमसे कोरियन छुड़ाओगे, कोरियन हमारी जान थी। तुमने हिम्मत भी कैसे की, हमसे हमारी जान छुड़ाने की। तुम नहीं जानते थे कि हम उन्हें कितना चाहते थे, लो अब देख लिया सब। अब तो यकीन हो गया न, कि कोरियन और के-पॉप हमारी जान है। जानते हैं कोरियन फैक्टर और के-पॉप हमको इतना चाहते थे, उतना तो हम तुम घरवालों को भी नहीं चाहते थे। कोरियन तो हमारी जान थी, पर कोरियन के अलावा कुछ और भी ऐसा था, जिसे हम अपनी जान से भी ज्यादा चाहते थे। तुम लोगों के लिए ऑप्शन लिखे हुए हैं। ऑप्शन तो यह हमारी पसंदीदा चीज़ें थीं। जिसे हम दिल से भी ज्यादा पसंद करते थे। कोरियन और के-पॉप को तो सबसे पहले। हम तीनों इन चीजों को अपना बनाना चाहते थे। पर तुम लोगों ने मौका ही नहीं दिया। जब हम दोनों अपने के-पॉप और कोरियन रिश्तेदारी को जानते थे और कहते थे कि यही हमारा भविष्य है। तो तुम्हें हम तीनों के भविष्य के लिए कुछ नहीं बोलना था। तुम्हें बोलना था ठीक है बेटा। लेकिन नहीं बोला। फिर हमें यही बुरा लगता था तो फिर हमने फैसला करा और उस चीज को अपना दुश्मन बना लिया, क्योंकि किसी ने भी घर में उसे हमारी तरह बनने ही नहीं दिया। तो उसी दिन से हम दोनों ने उस से अलग कर दिया और उसे कहा कि हम कोरियन और चाइना और थाई इंडिया और बॉलीवुड हैं। हम क्या तुम्हारी सर खाने के लिए जिये हैं दुनिया में। नहीं नहीं नहीं… मर गये तो हमें मौत ही अच्छी लगेगी। और शादी के नाम से तो हमारे दिल में टेंशन होती थी। हम पसंद और प्यार करते थे कोरियन। और शादी करें इंडिया के आदमी से। कभी नहीं ऐसे तो हम खुद से भी अपनी उम्मीद खो चुके हैं। तो इसलिए हमने खुदकुशी कर ली। सॉरी पापा। ………………………………. पढ़ें ये भी जरूरी खबर… गाजियाबाद ट्रिपल सुसाइड, बहनें खुद को कोरियन मानती थीं:यूट्यूब से भाषा सीखी; हिंदुस्तानी लड़के पसंद नहीं थे गाजियाबाद में 3 बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर सुसाइड कर लिया। पहले सामने आया कि उन्होंने कोरियन गेम खेलने के दौरान टास्क पूरा करते हुए मौत को गले लगाया। मगर 10 घंटे की छानबीन के बाद पता चला कि पिता चेतन ने बच्चों को डांटा था। मोबाइल भी छीन लिया था। इसके बाद उन्होंने 3 फरवरी की रात 2 बजे बालकनी से कूदकर सुसाइड कर लिया। निशिका 16 साल, प्राची 14 साल जबकि पाखी 12 साल की थी। कमरे से मिली डायरी, परिवार ने बेटियों की जिंदगी के बारे में बताया, उससे सामने आया कि बच्चियां खुद को भारतीय नहीं, कोरियन मान रही थीं। उन्हें लड़के भी कोरियन पसंद आते थे। वे अपना नाम बदल चुकी थीं। पढ़ें पूरी खबर…
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