बैनामा रजिस्ट्री में फर्जीवाड़े की कड़ी पर रोक लगाने के लिए अब आधार कार्ड का बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। सोमवार को इस नई प्रक्रिया के पहले दिन रजिस्ट्री कार्य संचालित हुआ, लेकिन कई तरह की दिक्कतों ने लोगों को निराश कर दिया। अंगुली-अंगूठे के निशान फेल होने से बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं हो सका और कई पक्षकारों को खाली हाथ लौटना पड़ा। पहले रजिस्ट्री में केवल पहचान पत्र के आधार पर सत्यापन होता था, लेकिन दस्तावेज असली हैं या नकली, इसकी जांच का कोई पुख्ता तरीका नहीं था। नतीजतन, बाद में फर्जीवाड़ा पकड़ में आता, मुकदमे चलते और जमीन के स्वामित्व पर लंबे विवाद खड़े हो जाते। इसी समस्या को दूर करने के लिए स्टाम्प एवं निबंधन विभाग ने आधार का बायोमेट्रिक सत्यापन लागू किया है। इससे खरीद-फरोख्त के पक्षकारों की पहचान पूरी तरह सत्यापित हो जाएगी।एआईजी स्टाम्प राकेश चंद्रा ने बताया कि पहले दिन तकनीकी खामियां और बायोमेट्रिक फेलियर की वजह से परेशानी हुई। वरिष्ठ नागरिकों को सबसे ज्यादा दिक्कत आ रही है, क्योंकि उनके फिंगरप्रिंट धुंधले हो चुके हैं। कुछ लोगों के आधार में नाम, पता, मोबाइल नंबर या बायोमेट्रिक डेटा अपडेट नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ दिनों में व्यवस्था सुचारू हो जाएगी। आइरिस स्कैन की सुविधा भी जल्द शुरू होगी।एआईजी ने अपील की है कि सभी लोग नजदीकी आधार केंद्र जाकर अपने आधार कार्ड को अपडेट करा लें। फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैन में समस्या हो तो तुरंत संशोधन करवाएं, वरना रजिस्ट्री के दौरान परेशानी होगी। इस कदम से संपत्ति लेन-देन पारदर्शी बनेगा और विवाद कम होंगे।
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