शाहजहांपुर में एक गर्भवती महिला की प्राइवेट अस्पताल में ऑपरेशन के बाद तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल पर गलत ऑपरेशन करने और जबरन राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। यह घटना शाहजहांपुर के कांट थाना क्षेत्र के टांडा पर्वतपुर गांव की है। 32 वर्षीय लक्ष्मी को प्रसव पीड़ा होने पर 29 दिसंबर को कांट सीएचसी में भर्ती कराया गया था। पति किशन पाल के अनुसार, सीएचसी के डॉक्टरों ने हालत गंभीर होने पर लक्ष्मी को राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर किया था। किशन पाल का आरोप है कि इसी दौरान एक आशा ने कांट स्थित एक प्राइवेट अस्पताल को सूचना दी। उस अस्पताल के डॉक्टर ने अपनी कार भेजकर मरीज को जबरन अपने अस्पताल ले आए, जबकि परिजन उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज ले जाना चाहते थे। पति ने बताया कि 30 दिसंबर को प्राइवेट अस्पताल ने ऑपरेशन के लिए 40,000 रुपये लिए और खून की एक बोतल के लिए 8,500 रुपये भी मांगे। उनका आरोप है कि बिना खून चढ़ाए ही गलत ऑपरेशन कर दिया गया, जिससे महिला ने एक बेटी को जन्म दिया। ऑपरेशन के बाद लक्ष्मी की तबीयत बिगड़ गई। परिजनों का आरोप है कि तब डॉक्टर ने जबरन उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज ले जाने को कहा और खुद अपनी गाड़ी से मरीज को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। वहां खून चढ़ाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। कांट थाना प्रभारी ने बताया कि महिला का ऑपरेशन प्राइवेट अस्पताल में हुआ था और उसकी मौत राजकीय मेडिकल कॉलेज में हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि तहरीर मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में सीएमओ से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। बता दें कि डीएम के सख्त निर्देश के बाद भी स्वास्थ विभाग ने अवैध रूप से संचालित प्राइवेट अस्पतालों पर कोई कार्रवाई नही की। आए दिन इस तरह की घटनाएं सामने आती है और फिर डाक्टर और मरीज के परिवार के बीच समझौता कराकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है ।
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