इटावा में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राखी चौहान ने पांच साल पुराने किशोरी से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने दोषी को 20 साल के सश्रम कारावास और 41 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने आदेश दिया है कि जुर्माना अदा न करने पर दोषी को एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। जुर्माने की रकम का 40 प्रतिशत पीड़िता को दिया जाएगा। जिला शासकीय अधिवक्ता शिव कुमार शुक्ला ने बताया कि यह घटना 4 जनवरी 2020 की है। बकेवर थाना क्षेत्र के एक गांव में 13 वर्षीय किशोरी शाम करीब सात बजे अपने प्लॉट पर पिता के साथ आग ताप रही थी। उसी दौरान उसके पिता बिस्तर लगाने के लिए झोपड़ी में चले गए। तभी गांव का आशु उर्फ सचिन पुत्र राम नारायण दोहरे वहां आया और किशोरी को जबरन उठा ले गया। वह उसे पास के सरसों के खेत में ले गया, जहां उसने उसके साथ दुष्कर्म किया। किशोरी के गायब होने पर परिवार के लोगों ने उसकी खोजबीन की। बाद में किशोरी घर लौटी और उसने अपने परिवार को पूरी घटना बताई। जानकारी मिलने पर परिवार के लोग उसे लेकर थाने पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर किशोरी का मेडिकल कराया। आरोपी आशु उर्फ सचिन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। छानबीन के बाद पुलिस ने आशु उर्फ सचिन के खिलाफ दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट की धाराओं में आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की कोर्ट में हुई, जहां अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अजीत प्रताप सिंह तोमर ने सरकार की ओर से पैरवी की। उनके द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने आशु उर्फ सचिन को दोषी पाया।
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