फिरोजाबाद में नाबालिग से अपहरण और दुष्कर्म के मामले में एक दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। थाना उत्तर पुलिस की प्रभावी पैरवी के कारण यह फैसला आया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक फिरोजाबाद सौरभ दीक्षित के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत इसे एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। न्यायालय ने थाना उत्तर क्षेत्र के मुकदमा संख्या 205/2024 से संबंधित इस मामले में अभियुक्त राकेश पुत्र सेवाराम को दोषी ठहराया। राकेश गाजियाबाद के गगन विहार भोपुरा, साहिबाबाद का निवासी है। उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366, 376 और पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 के तहत आजीवन कारावास और 1 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। 29 मार्च 2024 को वादी ने थाना उत्तर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, उसकी नाबालिग बेटी सुबह लगभग 10 बजे बैंक जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। उसका मोबाइल फोन भी बंद आ रहा था। इस तहरीर के आधार पर अज्ञात अभियुक्त के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान साक्ष्य संकलन और पूछताछ के आधार पर अभियुक्त राकेश का नाम सामने आया। थाना उत्तर पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार कर नाबालिग बालिका को सुरक्षित बरामद किया। मेडिकल रिपोर्ट और बयानों के आधार पर मुकदमे में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं। इसके बाद, 16 मई 2024 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। थाना उत्तर पुलिस टीम तथा मॉनिटरिंग सेल की मजबूत पैरवी के कारण माननीय न्यायालय ने अभियुक्त को आजीवन कारावास और आर्थिक दंड की सजा सुनाई। अभियुक्त को सजा दिलाने में माननीय न्यायाधीश श्रीमती करुणा सिंह, विवेचक उप निरीक्षक जितेंद्र पाल, अभियोजक संजीव शर्मा, पुलिस मॉनिटरिंग सेल और कोर्ट पैरोकार कांस्टेबल चंद्रेश की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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