आगरा के एत्माद्दौला थाना क्षेत्र से नाबालिग बच्ची को बहला-फुसलाकर भगाने और उसके साथ दुष्कर्म के मामले में माननीय न्यायालय ने कड़ा फैसला सुनाया है। एडीजे-29 कोर्ट, आगरा ने अभियुक्त सुनील को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कारावास और 15 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह निर्णय पुलिस की सशक्त पैरवी और ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत की गई प्रभावी कार्रवाई का परिणाम माना जा रहा है।
2018 में दर्ज हुआ था मामला
पीड़िता के पिता राजकुमार निवासी नरायच सती नगर, थाना एत्माद्दौला ने 17 जनवरी 2018 को थाने में तहरीर दी थी। आरोप लगाया गया था कि उनकी नाबालिग बेटी को सुनील नामक युवक बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल मुकदमा अपराध संख्या 41/2018 धारा 363 भादवि में दर्ज किया।
तीन दिन में गिरफ्तारी, पीड़िता बरामद
पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 20 जनवरी 2018 को अभियुक्त सुनील पुत्र कन्हैया लाल निवासी गुलाब नगर, बोदला को गिरफ्तार कर लिया और पीड़िता को सुरक्षित बरामद किया। पीड़िता के बयान के आधार पर मामले में धारा 366, 376 भादवि और पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाई गईं।
साक्ष्य और गवाही से साबित हुआ अपराध
विवेचना के दौरान पुलिस ने गवाहों के बयान, पीड़िता का कलमबंद बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मजबूत साक्ष्य संकलित किए। इसके बाद 16 मार्च 2018 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन और कोर्ट पैरोकार की सतत पैरवी से आरोप साबित हुए। ऑपरेशन कनविक्शन का दिखा असर
पुलिस आयुक्त आगरा के निर्देश पर चलाए जा रहे ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत थाना एत्माद्दौला पुलिस, अभियोजन और मॉनिटरिंग सेल ने मामले की लगातार निगरानी की। इसी का परिणाम रहा कि न्यायालय ने दोषी को सजा सुनाई।
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