सोनभद्र जनपद के घोरावल थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म के साढ़े छह साल पुराने मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही, प्रत्येक पर 55-55 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। अदालत ने आदेश दिया कि दोषियों से वसूले गए कुल 1 लाख 10 हजार रुपये के अर्थदंड में से 85 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाएंगे। घोरावल थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता के पिता ने प्रार्थना पत्र में बताया था कि 27 अगस्त 2019 को उसकी 13 वर्षीय प्राथमिक विद्यालय की छात्रा का राजपति (40) और मन्नू (42) ने अपहरण कर लिया था। आरोपियों ने उसे तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा और दुष्कर्म किया। पीड़िता के पिता ने बताया कि तीन दिन बाद आरोपियों ने उनकी बेटी को छोड़ दिया था। उन्होंने घोरावल थाने में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद, पिता ने 10 सितंबर 2019 को मंडलायुक्त विंध्याचल, मिर्जापुर को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि आरोपी उन्हें लगातार धमकी दे रहे थे। मंडलायुक्त को दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर, घोरावल पुलिस ने 11 अक्टूबर 2019 को संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र प्रस्तुत किया था। अदालत ने दोनों पक्षों के दलीलें सुनने के बाद दोषी राजपति और मन्नू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 55 – 55 हजार रुपए का अर्थ दंड भी लगाया
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