नगर निगम के परिवहन विभाग में लापरवाही मिलने पर नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कड़ा एक्शन लिया है। हिमांशु नागपाल ने स्क्रैप की नीलामी के लिए बनी नीलामी समिति की जांच रिपोर्ट के बाद परिवहन विभाग के बाबू वैभव शरण मिश्र के साथ ही साथ सौरभ सान्याल व नपेंद्र शंकर सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया इस पूरे प्रकरण के लिए नगर आयुक्त ने अपर नगर आयुक्त अमित कुमार जांच अधिकारी नियुक्त किया है। जो 15 दिन में अपनी रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपेंगे। नगर आयुक्त की इस कार्रवाई से नगर निगम में हड़कंप मचा हुआ है। सभी विभागों में कर्मचारी अपनी फाइलें मेंटेन करने में लगे हुए हैं। वहीं तीनों निलंबित कर्मचारियों को जांच अधिकारी से संबद्ध किया गया है। नीलामी समिति ने बनाई थी रिपोर्ट नगर निगम वाराणसी में वर्षों से खराब कबाड़ की नीलामी के लिए नीलामी समिति बनाई गई थी। जिसमें उपसभापति सदन नरसिंह दास, पार्षद हनुमान प्रसाद तथा मदन मोहन दुबे ने निगम के यार्ड का स्थलीय निरीक्षण बीते दिनों किया था। जिसके बाद शिकायत पर महापौर और नगर आयुक्त भी निरीक्षण करने पहुंचे थे। निरीक्षण के बाद नीलामी समिति ने एक रिपोर्ट बनाई थी। जिसमें उन्होंने 2022 में खरीदी गयीं गाड़ियों को स्क्रैप में डालने की बात लिखी थी डेढ़ साल में मशीनें हो गयीं कबाड़ नगर आयुक्त ने बताया – जांच समिति की रिपोर्ट के अनुसार अगस्त 2022 में खरीदी गई विभिन्न प्रकार के 25 ई-गार्बेज मशीनें महज डेढ़ साल में ही कबाड़ घोषित कर दी गईं। वही एक गोल्फ कोर्ट वाहन का सिर्फ चेसिस बचा है। उसके पहिए, इंजन और बैटरी सब नदारद हैं। 10-10 लाख की जटायु मशीनें और 75 लाख की स्वीपर मशीनों को बिना किसी एक्सपर्ट रिपोर्ट के डंपिंग यार्ड में डाल दिया गया। वर्कशॉप में खड़ी गाड़ियों के इंजन, बैटरी और पहिए तक गायब मिले। नई जेसीबी और महिंद्रा के वाहनों का कोई सर्विस रिकॉर्ड नहीं मिला। मरम्मत में खर्च किए 1.5 लाख, फिर भी स्क्रैप में जांच समिति में शामिल पार्षद और उपसभापति सदन नरसिंह बाबा ने बताया – टाटा एस की जिन दो गाड़ियों पर 1.5 लाख रुपये से अधिक मरम्मत में खर्च किए गए। उन्हें भी ‘स्क्रैप’ लिस्ट में डाल दिया गया। समिति के सदस्यों ने इसकी रिपोर्ट के आधार पर महापौर व नगर आयुक्त ने भी यार्ड का स्थलीय निरीक्षण किया था। इसके बाद नगर आयक्त ने इसे गंभीरता से लिया। कनिष्क लिपिक सहित तीन कर्मचारी निलंबित नगर आयुक्त ने इस संबंध में इसे घोर लापरवाही मानते हुए प्रथम दृष्टया परिवहन विभाग के कनिष्क लिपिक वैभव शरण मिश्रा, सौरभ सान्याल और नपेंद्र शंकर सिंह को निलंबित कर दिया। नगर आयुक्त ने इसे वाहनों के रखरखाव में घोर लापरवाही और वित्तीय क्षति पहुंचाने वाला माना है। जारी निलंबल आदेश में कहा गया कि इन कर्मचारियों का कृत्य कर्मचारी आचरण नियमावली के विपरीत है और यह गंभीर दंड की परिधि में आता है।
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