देवरिया जिले के श्रीरामपुर थाना क्षेत्र के परगसहा गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में एक सहायक अध्यापक के शैक्षिक प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए हैं। इस मामले में खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) की तहरीर पर श्रीरामपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि युवक दूसरे व्यक्ति के नाम और प्रमाणपत्रों का उपयोग कर सरकारी नौकरी कर रहा था। बीईओ संजीव सिंह द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार, एसटीएफ की जांच में परगसहा प्राथमिक विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक राजेश कुमार शर्मा के शैक्षिक प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए। इसके बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने भी विस्तृत जांच की, जिसमें आरोपी द्वारा प्रस्तुत सभी शैक्षिक दस्तावेज अमान्य और फर्जी साबित हुए। फर्जीवाड़े की पुष्टि होने पर विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक की सेवा 19 नवंबर 2024 को समाप्त कर दी। बीईओ की तहरीर पर श्रीरामपुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। थानाध्यक्ष महेंद्र कुमार ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच कर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। इस फर्जीवाड़े का खुलासा पैन कार्ड और आधार कार्ड को लिंक करने की प्रक्रिया के दौरान हुआ। जांच में सामने आया कि राजेश कुमार शर्मा नाम का एक व्यक्ति सिद्धार्थनगर जिले में भी सरकारी नौकरी कर रहा है। एक ही नाम और पहचान के आधार पर दो स्थानों पर नौकरी की जानकारी मिलने पर विभाग सतर्क हुआ और तत्काल जांच शुरू की गई। बेसिक शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षकों को अपने शैक्षिक एवं अन्य दस्तावेजों के साथ जांच में उपस्थित होने का निर्देश दिया। विभागीय सूत्रों के अनुसार, सिद्धार्थनगर में तैनात शिक्षक ने अपने मूल प्रमाणपत्र प्रस्तुत किए, जो सही पाए गए। वहीं, परगसहा प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षक के सभी अभिलेख फर्जी निकले।
https://ift.tt/g9EJ6YA
🔗 Source:
Visit Original Article
📰 Curated by:
DNI News Live

Leave a Reply