देवरिया जिले के खुखुन्दू क्षेत्र में एक दिहाड़ी मजदूर की बारात ई-रिक्शा से निकाली गई, जो सादगी और सामूहिक सहयोग का उदाहरण बनी। भटहर मोहल्ले के निवासी दुर्गेश, पुत्र स्वर्गीय राम अवतार और रामवती, अपनी शादी के लिए डुमरिया लाला रवाना हुए। उनकी शादी स्वर्गीय बुल्लू प्रसाद और अनीता देवी की पुत्री कुमारी शिल्पी के साथ होनी है। दुर्गेश दिहाड़ी मजदूर हैं और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य है। ऐसे में उनके दोस्तों और गांव के युवाओं ने मिलकर इस शादी को खास बनाने का निर्णय लिया। सभी ने आपस में आर्थिक योगदान कर बारात के लिए लगभग 30 ई-रिक्शा सजवाए। बारात निकलने पर लगभग 100 बाराती इन सजे हुए ई-रिक्शाओं में सवार होकर खुशी-खुशी गंतव्य की ओर रवाना हुए। यह अनूठी बारात पूरे क्षेत्र में लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई। आमतौर पर इस क्षेत्र में बारातें महंगी गाड़ियों और बड़े तामझाम के साथ निकलती हैं। दुर्गेश की इस सादगीपूर्ण बारात ने एक अलग संदेश दिया कि खुशियां केवल पैसे से नहीं, बल्कि भावनाओं और सामूहिक सहयोग से भी बड़ी बनती हैं। गांव के लोगों और राहगीरों ने इस पहल की सराहना की। उनका कहना था कि यह बारात न केवल सादगी का प्रतीक है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि मिलकर प्रयास करने से आर्थिक सीमाएं भी अवसर में बदल जाती हैं। इस ई-रिक्शा बारात की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसे लोग प्रेरणादायक बता रहे हैं।
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