लखनऊ के गोमतीनगर थाने में दिल्ली के डॉक्टर ने 35 लाख रुपए की ठगी का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोपी ने डॉक्टर से किडनी ट्रांसप्लांट के नाम पर पैसे लेकर बाद में बंद एकाउंट का चेक थमा दिया। इस पर उन्होंने बैंक में चेक लगाया जो बाउंस हो गया। तब उन्हें ठगी का पता चला। पश्चिम विहार नई दिल्ली निवासी डॉक्टर भारत भूषण ने बताया कि वह नई दिल्ली में प्रैक्टिस करते हैं। उनकी पहचान फ्लोरेट हॉस्पिटल नई दिल्ली के बाल चिकित्सक डॉ. मनोज मेहतो के जरिए लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. देवेन्द्र सिंह से हुई थी। देवेंद्र ने बातचीत करके काफी अच्छे संबंध बना लिए। इसके बाद एक दिन डॉ. देवेन्द्र सिंह ने अपने पिता के किडनी ट्रांसप्लांट के लिए 35 लाख रुपए की जरूरत बताई और 3-4 महीने में रुपए लौटाने का भरोसा दिया। डॉ. मनोज मेहतो के कहने पर डॉक्टर भारत भूषण ने पूरी लिखापढ़ी के साथ फ्रेंडली लोन देने पर सहमति दे दी। सरकारी कर्मचारी बताकर अपने एकाउंट में नहीं लिया रुपए भारत भूषण ने डॉ. देवेन्द्र से बैंक खाता मांगा तो उन्होंने खुद को सरकारी कर्मचारी बताते हुए रुपए अपने खाते में लेने से इनकार कर दिया और अपने दोस्त अमन श्रीवास्तव का एकाउंट दे दिया। इसके बाद डॉक्टर भारत भूषण ने ऑनलाइन और चेक के जरिए कुल 34.35 लाख रुपए अमन श्रीवास्तव के एकाउंट में ट्रांसफर कर दिए। तीन-चार महीने बीतने के बाद भी रकम वापस नहीं मिली तो 28 नवंबर 2023 को डॉक्टर भारत भूषण अपनी पत्नी दीपशिखा और दो मित्रों के साथ लखनऊ पहुंचे। इस पर डॉ. देवेन्द्र सिंह ने उन्हें गोमतीनगर के एक सुनसान स्थान पर मिलने बुलाया और देर रात तक टालमटोल करते रहे। बाद में अमन श्रीवास्तव के इंदिरानगर स्थित घर ले जाकर 35 लाख रुपए का चेक दिया। बंद एकाउंट का चेक थमाया डॉ. देवेन्द्र सिंह ने कहा कि अगर 10 दिन में रुपए न लौटे तो चेक लगा कर पैसे निकाल लेना। पीड़ित ने तय समय के बाद चेक अपने एकाउंट में लगाया तो चेक बाउंस हो गया। बैंक से पता चला कि बैंक एकाउंट चेक जारी होने से करीब दो साल पहले ही बंद हो चुका था। तब उन्होंने कोर्ट में फाइल कर दिया। फिर ने धमकी देनी शुरू कर दी। मामले में इंस्पेक्टर गोमतीनगर बृजेश चंद्र तिवारी ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है।
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