लखनऊ में खेले जा रहे सैयद मोदी बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ियों में के श्री कांत सिंगल्स का खिताब जीतने के करीब हैं। इसके पहले तन्वी शर्मा (16) और उन्नति हुड्डा (18) से भी उम्मीदें लगी हुई थीं, लेकिन दोनों खिलाड़ी सेमीफाइनल में हार के बाद बाहर हो गए। डबल्स में त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीनाथ से अभी भी उम्मीदें बरकरार हैं। दोनों खिलाड़ी लगातार दूसरी बार फाइनल में हैं। श्रीकांत सीजन का पहला खिताब जीतने के करीब किदांबी श्रीकांत इस साल अपना पहला वर्ल्ड टूर खिताब जीतने के करीब हैं। लखनऊ में शनिवार को खेले गए सेमीफाइनल में उन्होंने अपने मिथुन मंजुनाथ को 21-15, 19-21, 21-13 से करीब एक घंटे के मुकाबले में हराया और अब टूर्नामेंट में मेजबान भारत का एकल वर्ग में अंतिम उम्मीद बने हुए हैं।श्रीकांत का 2025 सीजन का दूसरा फाइनल है, जिसमें वे हॉन्गकॉन्ग के जेसन गुणावन से भिड़ेंगे। गुणावन ने अपने सेमीफाइनल में जापान के माइनोरू कोगा के खिलाफ पहले गेम गंवाया, लेकिन दूसरे गेम में 14 लगातार अंक बनाकर हावी हो गए और निर्णायक गेम में 11-0 की बढ़त पर कोगा के हटने से फाइनल में प्रवेश किया। श्रीकांत ने पहले भी गुणावन को दोनों मुकाबलों में हराया है। त्रिशा और गायत्री का दमदार प्रदर्शन बरकरार त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीनाथ दोबारा चैंपियन बनने के करीब है। दोनों खिलाड़ी पिछले सीजन में चैंपियन बने थे।इस जोड़ी ने सेमीफाइनल में मलेशिया की ओंग सिन यी व कार्मेन टिंग की जोड़ी को 21-11, 21-15 से आसानी से हराया। उन्नति हूडा और तन्वी शर्मा अपनी-अपनी सेमीफाइनल हार गई, लेकिन इनसे अधिक उम्मीदें थीं। गेम के दौरान अन फोर्स्ड एरर और और ने उनका सफर समाप्त किया। तन्वी को जापान की हिना अकेची ने 21-17, 21-16 से मात दी, जबकि उन्नति तुर्की की नेस्लिहान अरिन से 21-15, 21-10 से हार गईं। तन्वी और उन्नति से हुई गलतियां तन्वी के वाइड शॉट काम नहीं आए और उनकी चालाक नेट प्ले, जो आमतौर पर सटीक रहती है, तेज पैरों वाली हिना के खिलाफ सफल नहीं हुई। उन्नति को भी बहुत से शॉट ज्यादा वाइड जाने की समस्या हुई, वे नेस्लिहान के खिलाफ अपने शॉट्स को कंट्रोल नहीं कर सकीं। इससे 31 वर्षीय तुर्क खिलाड़ी पहली बार वर्ल्ड टूर फाइनल में पहुंचीं। जितनी लंबी रैलियां चलीं, नेस्लिहान उतनी ही हावी होती गईं, जिससे उन्नति को हर प्वाइंट के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी। श्रीकांत बोले मिथुन मेरे खिलाफ अच्छा खेलता है श्रीकांत ने भी मिथुन के खिलाफ अपने प्वाइंट के लिए खूब पसीना बहाया, लेकिन फाइनल गेम में लय पकड़ ली और कहा कि मिथुन मेरे खिलाफ अच्छा खेलता है। उन्होंने कहा कि शानदार खेल था, जैसा हमेशा मिथुन खेलते हैं। तीसरे गेम में अच्छी शुरुआत करना और गलतियां कम करना जरूरी था, जो मैं कर सका। इसीलिए मैच में जीत सका था।
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