मेजर जनरल डॉ. अमित देवगन ने सोमवार को अटल बिहारी चिकित्सा विश्वविद्यालय के नए कुलपति का कार्यभार ग्रहण कर लिया। कुलपति पद की जिम्मेदारी संभाल रहे प्रो. संजीव मिश्रा से उन्होंने चार्ज लिया। अटल विश्वविद्यालय के कुलपति का कार्यकाल करीब पांच महीने समाप्त हुआ था। नए कुलपति का चयन न होने की वजह से राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के आदेश पर प्रो.संजीव मिश्रा ही यह जिम्मेदारी संभाल रहे थे। नए कुलपति पद के लिए अंतिम साक्षात्कार 19 जनवरी को हुआ था। इसके बाद 21 जनवरी को नए कुलपति की घोषणा कर दी गई। इसके बाद सोमवार को डॉ. अमित देवगन ने कुलपति पद की जिम्मेदारी संभाल ली। वहीं, पूर्व कुलपति प्रो. संजीव मिश्रा वापस अपने मूल संस्थान KGMU में सेवा देंगे। KGMU के कुलपति डॉ.बिपिन पुरी के बाद वह राजधानी में कुलपति बनने वाले दूसरे सेना के डॉक्टर बन गए हैं। मेजर जनरल डॉ. देवगन सेना के शोध,शिक्षण और प्रबंध संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वह मेडिकल व्यवस्था के प्रमुख थे। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय को गुणवत्ता के मामले में शिखर पर पहुंचाने की बात कही है। अगस्त 2025 में हुए रिटायर, ऑपेरशन सिंदूर में दिया योगदान AFMC पुणे से डॉ.अमित देवगन ने पीडियाट्रिक्स में मेडिकल पीजी की डिग्री हासिल की है। 36 साल की सेवा के बाद मेजर जनरल डॉ.अमित देवगन अगस्त 2025 में रिटायर हुए। उन्होंने ऑपेरशन सिंदूर के दौरान भी देश को अपनी सेवाएं दी। 19 जनवरी को 4 लोगों का हुआ था साक्षात्कार इससे पहले सोमवार को देश के चार अलग-अलग संस्थानों के डॉक्टरों के राजभवन में साक्षात्कार हुए थे। बीते करीब छह महीने से अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी के लिए नए कुलपति की तलाश चल रही थी। देश भर के लिए 32 डॉक्टरों ने कुलपति पद के लिए आवेदन किया था। इनमें से पहले 12 फिर 18 आवेदक डॉक्टरों को शार्टलिस्ट किया गया था। दो बार कुलपति पद के लिए साक्षात्कार की तारीखें घोषित की गईं। फिर तीसरी बार 13 जनवरी को तारीख घोषित की गई। 15 डॉक्टरों का साक्षात्कार हुआ। सात सदस्यीय कमेटी ने चार नामों को राजभवन भेजा। इसके बाद सोमवार को चार डॉक्टरों को राजभवन में साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था। इसमें एक चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय से संबद्ध सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी के डॉक्टर, भोपाल, नागपुर एम्स और दिल्ली के डॉक्टर शामिल थे। लंबे समय तक प्रशासनिक पद पर रहे डॉ.संजीव अब तक अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी के डॉ. संजीव मिश्र थे। उनका कार्यकाल छह महीने पहले खत्म हो गया था। लेकिन बाद में कार्यकाल बढ़ा दिया गया। डॉ. संजीव मिश्र केजीएमयू में सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग से हैं। करीब 10 साल जोधपुर एम्स के निर्देशक पद की जिम्मेदारी संभाली। फिर साढ़े तीन साल से अटल मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति हैं। बेपटरी थी व्यवस्था अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी का मकसद प्रदेश भर के नर्सिंग, पैरामेडिकल और मेडिकल कॉलेजों को संबद्धता देना है। इन सभी कॉलेजों में एक समय में दाखिला, परीक्षा हो। उनके परिणाम घोषित किए जाएं। ताकि मेडिकल संस्थानों में एकरूपता लाई जा सके। सत्र की गाड़ी पटरी पर लाई जा सके। पर, कई सेमेस्टर की परीक्षाएं लेटलतीफी की शिकार हो चुकी हैं। अभी तक यूनिवर्सिटी में एक भी नियमित स्टाफ नहीं है। पूरी व्यवस्था संविदा, आउटसोर्सिंग पर है। ऑपरेशन सिंदूर में दिया योगदान AFMC पुणे से डॉ.अमित देवगन ने पीडियाट्रिक्स में मेडिकल पीजी की डिग्री हासिल की है। 36 साल की सेवा के बाद मेजर जनरल डॉ.अमित देवगन अगस्त 2025 में रिटायर हुए। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी देश को अपनी सेवाएं दीं।
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