प्रयागराज में मनी लॉन्ड्रिंग और गिरफ्तारी का डर दिखाकर साइबर ठगों ने शहर की एक सेवानिवृत्त महिला शिक्षिका को तीन दिनों तक “डिजिटल अरेस्ट” में रखा। ठगों के दबाव में महिला दो करोड़ रुपये ट्रांसफर करने बैंक पहुंची, लेकिन बैंक कर्मियों की सतर्कता और साइबर क्राइम पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बड़ी ठगी टल गई। FD तोड़ने पहुंचीं बैंक, घबराहट से खुला मामला मंगलवार को महिला शिक्षिका सिविल लाइंस स्थित पीएनबी शाखा पहुंचीं और 1.20 करोड़ रुपये की एफडी तोड़कर दूसरे खाते में ट्रांसफर कराने की मांग की। साथ ही केनरा बैंक से 90 लाख रुपये की आरटीजीएस कराने का भी प्रयास किया गया। महिला की असामान्य घबराहट और जल्दबाजी देख शाखा प्रबंधक विपिन कुमार को शक हुआ, जिसके बाद तत्काल साइबर क्राइम पुलिस को सूचना दी गई। ED और सुप्रीम कोर्ट का नाम लेकर बनाया दबाव साइबर क्राइम पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सामने आया कि 26 दिसंबर को ठगों ने महिला को फोन कर आधार कार्ड के नाम पर फर्जी खाते से करोड़ों के लेनदेन की कहानी सुनाई। इसके बाद ईडी और सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए गिरफ्तारी की धमकी दी और 28 दिसंबर तक डिजिटल अरेस्ट में रखा। 25 अक्टूबर को खुलवाया था खाता पुलिस ने मौके पर पहुंचकर महिला से पूछताछ की, उनके बेटे और पड़ोसियों से संपर्क किया। जिस खाते में रकम भेजी जानी थी, उसकी जांच में सामने आया कि वह खाता 25 अक्तूबर को ही खोला गया था। एहतियातन महिला का बैंक खाता फ्रीज कर दिया गया। पुलिस अफसर बोले मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर महिला से करीब दो करोड़ रुपये की साइबर ठगी का प्रयास किया गया था। बैंक कर्मियों और साइबर पुलिस की सतर्कता से समय रहते ठगी रोक ली गई है। महिला की तहरीर पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। — राजकुमार मीना, एसीपी साइबर क्राइम
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