बिजनौर के कुकड़ा इस्लामपुर गांव में शनिवार को बिजली विभाग की टीम के साथ ग्रामीणों का हंगामा हो गया। टीम सात महीने से खराब पड़े ट्रांसफार्मर को बदलने पहुंची थी, जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया। इस दौरान कुछ महिलाओं ने खुद पर डीजल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया। पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में पांच किसानों का शांतिभंग में चालान किया है। हल्दौर क्षेत्र के कूकड़ा इस्लामपुर निवासी ओमप्रकाश, धर्मवीर सिंह और लक्ष्मण सिंह के खेत में लगे तीन में से दो 63 केवी के ट्रांसफार्मर लगभग सात महीने पहले खराब हो गए थे। इससे 12 किसानों के नलकूप प्रभावित हो रहे थे, जिससे सिंचाई में समस्या आ रही थी। शनिवार को बिजली विभाग के अवर अभियंता गौतम कुमार विभागीय और पुलिस बल के साथ ट्रांसफार्मर बदलने गांव पहुंचे। मौके पर आशा, संतोष, मेघराज सिंह, ऋषिपाल सिंह, प्रेमलता, सुजाता और प्रशांत चौहान सहित कई ग्रामीण जमा हो गए। उन्होंने ट्रांसफार्मर को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की मांग की, जिस पर ग्रामीणों और बिजली विभाग की टीम के बीच तीखी बहस हुई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग का एस्टीमेट पहले ही तैयार हो चुका है, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उनका यह भी कहना था कि आठ महीने पहले खराब ट्रांसफार्मर को उतारते समय कुछ लोग करंट की चपेट में आ गए थे। जबरन ट्रांसफार्मर लगाने के विरोध में आक्रोशित दो महिलाओं ने खुद पर डीजल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया। इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर महिलाओं से डीजल की कनस्तरी छीन ली और उन्हें रोका। बातचीत और पुलिस के हस्तक्षेप के बाद ट्रांसफार्मर को अंततः लगा दिया गया। अवर अभियंता गौतम कुमार ने बताया कि ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग का एस्टीमेट बनाकर विभाग को भेज दिया गया है और जल्द ही इसे दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया जाएगा। पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने और शांतिभंग के आरोप में ऋषिपाल, सुमित कुमार, धर्मवीर, ओमप्रकाश और लक्ष्मण का चालान किया है।
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