झांसी के वीरांगना लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन की 136 साल पुरानी इमारत को ढहा कर उसकी जगह नई बिल्डिंग बनाई जानी है। लेकिन इसको लेकर विपक्षी दल सरकार के निर्णय के विरोध में उतर आए हैं। कांग्रेसी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने समाजसेवियों के साथ मिलकर नए साल पर प्रधानमंत्री को खून से लेटर लिखा। तीन तस्वीरों में देखें स्टेशन को टूटने से बचाने का अभियान… अभियान को समर्थन देने के लिए अन्य लोगों ने अपना खून निकलवाया। प्रदीप जैन ने अभियान का नेतृत्व करते हुए कहा कि सरकार आज हेरिटेज स्टेशन तोड़ रही है, कल किला और रानी महल को भी गिराने की बात करेगी। बता दें कि 1889 में इंडियन मिडलैंड रेलवे ने झांसी का स्टेशन बनाया था। स्टेशन की इमारत आज भी उसी शान से खड़ी है, जिस शान से 100 साल पहले थी। लेकिन अमृत काल में केंद्र सरकार और भारतीय रेलवे पुराने स्टेशनों का सौन्दर्यीकरण और पुर्ननिर्माण कर रहे हैं। इसी सूची में झांसी का वीरांगना लक्ष्मीबाई स्टेशन भी शामिल है। समाजसेवियों ने भी दिया खून… रेलवे इसको लेकर डिजाइन जारी कर कहा है कि पुरानी बिल्डिंग की जगह झांसी की रानी के महल जैसी दिखने वाली राजसी बिल्डिंग का निर्माण कराया जाएगा। लेकिन पुरानी बिल्डिंग की जगह नई बिल्डिंग को पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य, बुंदेलखंड निर्माणा मोर्चा के अध्यक्ष भानु सहाय, आम आगमी पार्टी समेत तमाम समाजसेवी संस्थाओं ने सिरे से नकार दिया है। इसको लेकर झांसी में अभियान भी शुरू हो गया है। लोगों ने जताया स्टेशन टूटने का विरोध… नए साल 2026 के पहले दिन स्टेशन को तोड़े जाने का विरोध कर रहे लोगों ने किसी की तलहटी में एक कैम्प लगाया। यहां पूर्व केंद्रीय मंत्री ने अपने खून से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर स्टेशन की हेरिटेज बिल्डिंग को न तोड़ने की अपील की है। साथ ही उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हम विकास के विरोधी नहीं हैं लेकिन, अपनी विरासत को मिटाकर विकास करना कहां तक सही है। बोले झांसी की बिल्डिंग अभी इतनी मजबूत है कि सौ साल उसका कुछ नहीं बिगड़ने वाला। पूर्व मंत्री के आवाह्न पर घूमने आए सैंकड़ों लोग भी अभियान का हिस्सा बन गए। लोगों ने हस्ताक्षर अभियान में साइन करते हुए सरकार से मांग की कि पुरानी इमारत न तोड़ी जाए।
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