झांसी में भांजी की शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे मामा की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। प्राथमिक तौर पर हार्ट अटैक से मौत की आशंका जताई जा रही है। परिजन उन्हें इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पूरी घटना मैरिज गार्डन में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के बड़ागांव गेट बाहर शंकर सिंह का बगीचा निवासी हरिमोहन सेन (62) से जुड़ा है। हरिमोहन बड़ागांव गेट बाहर नई की दुकान पर पार्टनरशिप में हेयर ड्रेसर का काम करते थे। हरिमोहन की मुंहबोली बहन रामकुमारी रक्सा थाना क्षेत्र के डेली गांव में रहती हैं। उनकी बेटी प्रिंसी की शादी बुधवार 4 फरवरी को डेली गांव स्थित एसआर रिसॉर्ट एंड मैरिज गार्डन में थी। इसी शादी में शामिल होने के लिए हरिमोहन रात करीब 9 बजे मैरिज गार्डन पहुंचे थे। उन्होंने भांजी प्रिंसी को स्टेज पर जाकर आशीर्वाद दिया, इसके बाद बहन को भात की साड़ी देने के लिए पंडाल में जाने लगे। हरिमोहन के छोटे भाई की पत्नी उर्मिला ने बताया कि जेठ कार्यक्रम में मौजूद लोगों से मुलाकात कर रहे थे, तभी अचानक उन्हें चक्कर आया और वह जमीन पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों ने डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी और एम्बुलेंस से उन्हें अस्पताल भिजवाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पूरे मामले में जिला अस्पताल के अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉक्टर प्रमोद कटियार ने बताया कि 4 फरवरी की रात एम्बुलेंस एक मरीज लाई थी, जो ब्रॉड डेड था। प्रथम दृष्टया मामला कार्डिक अरेस्ट का प्रतीत होता है। मौत के सही कारण पोस्टमॉर्टम के बाद ही सामने आ सकते हैं, लेकिन परिजन शव को बिना पोस्टमॉर्टम कराए ही ले जाने पर अड़े रहे।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पोस्टमॉर्टम कराने की बात कही, लेकिन परिजनों ने इनकार कर दिया। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में हार्ट अटैक से मौत की आशंका है, हालांकि पोस्टमॉर्टम न होने के कारण मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आ सका है। हाथ में रह गई भात की साड़ी
मृतक हरिमोहन की बहू उर्मिला ने बताया कि जेठ अपनी मुंह बोली बहन रामकुमारी को भात लेकर गए थे। जिस समय उनकी मौत हुई, भात की साड़ी उनके हाथ में ही थी। वह पंडाल में बहन रामकुमारी को तलाश रहे थे, ताकि उन्हें साड़ी दे सकें, लेकिन इससे पहले ही उनकी मौत हो गई। परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
पूरे मामले में मृतक हरिमोहन की बहू उर्मिला ने उनकी मुंह बोली बहन के परिजनों पर लापरवाही करने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि जेठ अकेले शादी में गए थे। वहां उनकी हालत बिगड़ी तो मौजूद लोगों ने डायल 112 पर कॉल कर पुलिस बुलाई और एम्बुलेंस से उन्हें अस्पताल भेज दिया गया। उर्मिला का कहना है कि सब कुछ होता रहा, लेकिन किसी ने परिवार को इसकी सूचना नहीं दी। अज्ञात में अस्पताल छोड़ने का आरोप
मृतक की बहू ने बताया कि जेठ की मौत मौके पर ही हो चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद किसी ने परिवार को जानकारी नहीं दी। मौत के करीब दो घंटे बाद फोन आया कि वह जिला अस्पताल में हैं। जब परिजन जिला अस्पताल पहुंचे तो पता चला कि एक शव अज्ञात अवस्था में लाया गया था। पहचान होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को लिखित में पोस्टमॉर्टम न कराने की सहमति देकर शव घर ले गए।
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