लखनऊ के गोमतीनगर स्थित जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) को एक बार फिर खोलने के सरकारी फैसले पर सियासत तेज हो गई है। फिलहाल सेंटर का संचालन शुरू न होकर परिसर की खाली जमीन को पार्किंग के तौर पर इस्तेमाल करने की तैयारी को समाजवादी पार्टी ने गलत करार दिया है। अफसरों को दिया ज्ञापन इसी मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल लखनऊ महानगर अध्यक्ष फाकिर सिद्दीकी के नेतृत्व में एलडीए कार्यालय पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल जेपीएनआईसी के भविष्य और उसके उपयोग को लेकर लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के उपाध्यक्ष से चर्चा करना चाहता था, लेकिन वीसी के मौजूद न होने के कारण ज्ञापन नहीं सौंपा जा सका और सपा नेताओं को वापस लौटना पड़ा। सपा पदाधिकारियों ने मौखिक रूप से कहा कि जेपीएनआईसी का भू-उपयोग केवल पार्किंग तक सीमित करना, समाजवादी पार्टी के ड्रीम प्रोजेक्ट की मूल भावना के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि यह सेंटर पूर्ववर्ती सपा सरकार के कार्यकाल में जय प्रकाश नारायण के विचारों को समर्पित एक वर्ल्ड क्लास संस्थान के रूप में विकसित किया गया था, जहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनियां, सेमिनार, कॉन्फ्रेंस और उच्च स्तरीय आयोजन कराने की योजना थी। करोड़ो रुपए की लागत से बना दे सेंटर सपा नेताओं का कहना है कि करोड़ों रुपए खर्च कर बनाए गए इस भव्य सेंटर को पार्किंग में तब्दील करना जनता के पैसे और ऐतिहासिक महत्व दोनों का अपमान है। पार्टी ने मांग की कि सरकार और एलडीए अधूरे निर्माण को पूरा कराने के लिए बजट जारी करे और जेपीएनआईसी को उसी उद्देश्य के लिए खोला जाए, जिसके लिए इसकी परिकल्पना की गई थी। गौरतलब है कि वर्ष 2013 में शुरू हुआ जेपीएनआईसी का निर्माण 2017 में अधूरा छोड़ दिया गया था। फिनिशिंग समेत करीब 50 करोड़ रुपये का काम बाकी रहने के कारण यह सेंटर बीते करीब आठ साल से बंद पड़ा है और इसी दौरान कई बार यह राजनीतिक विवादों का केंद्र भी रहा है।
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