उत्तर प्रदेश सरकार और जापान के मध्य हुए समझौता ज्ञापन के अंतर्गत जापानी प्रतिनिधिमंडल बुधवार को सीएसए यूनिवर्सिटी के शाकभाजी अनुभाग पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे टोमैटेक कंपनी के प्रतिनिधि अकिनोरी कोजाकी एवं शुसाकु नाकाजीमां द्वारा शाकभाजी अनुभाग पर पूर्व में फसलों पर ट्रायल किए गए जापानी सूक्ष्म पोषक तत्वों (माइक्रोन्यूट्रियंट्स) के प्रभाव को देखा गया। फूलगोभी एवं मूली फसलों पर सूक्ष्म पोषक तत्वों का प्रभाव बेहतर पाया गया। फसल जल्दी पककर होगी तैयार अकिनोरी कोजाकी द्वारा परीक्षणों का अवलोकन करते समय बताया गया कि सब्जी फसलों पर सूक्ष्म पोषक तत्वों का प्रभाव साफ दिखाई दे रहा है। जिससे फसल जल्दी पक कर तैयार होगी तथा उत्पादन में भी 30 से 40 प्रतिशत तक वृद्धि होने का अनुमान है। उन्होंने यह भी कहा कि फसल जल्दी पक कर तैयार होने से उत्पादन का बाजार में अधिक मूल्य मिलेगा। ट्रायल किया गया जापान से आए शुसाकु नाकाजीमां ने बताया कि टोमैटेक कंपनी द्वारा तैयार सूक्ष्म पोषक तत्व उर्वरक का फसल बुवाई के समय छह किलोग्राम प्रति 1000 वर्ग मीटर की दर से प्रयोग किया जाता है। सरकार के साथ हुए समझौते के आधार पर इसका ट्रायल किया गया।इस अवसर पर विश्वविद्यालय की ओर से निदेशक शोध डॉ आरके यादव, प्रोफेसर डॉ पीके सिंह, सब्जी विज्ञान विभाग के प्रभारी डॉ केशव आर्य, डॉ श्वेता आदि रहे।
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