बुलंदशहर के न्याय पंचायत ककरई क्षेत्र के जहांगीराबाद विकास खंड के ग्राम रुठा की दलित बस्ती में ग्रामीण नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। यहां कीचड़ से बजबजाती नालियां, कूड़े के ढेर और उनमें सड़ता पानी आम बात है। रिपोर्टर ने मौके पर पहुंचकर इन बदतर हालात का जायजा लिया। ग्रामीण लिख्खा सिंह और पप्पू सिंह ने बताया कि पानी की उचित निकासी न होने के कारण दोपहर होते-होते बस्ती की नालियां नदी का रूप धारण कर लेती हैं। गलियों में चारों तरफ पानी ही पानी दिखाई देता है, मानो अभी-अभी बारिश हुई हो। ग्रामीण अमर सिंह और कलुआ सिंह ने आरोप लगाया कि सफाई व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों द्वारा भेदभाव किया जाता है। ग्राम पंचायत रुठा के विपिन, संजय, इमरत, जीतू, सूरज संजय, रामपाल, महेश डालचंद, राकेश, अतर सिंह और राजकुमार सहित अन्य ग्रामीणों ने जिम्मेदारों से शीघ्र समस्याओं का निस्तारण कराने की मांग की है। लाखों की लागत से बना सामुदायिक भवन भी ग्रामीणों के उपयोग का नहीं रह गया है। इसके चारों तरफ कूड़े के ढेर लगे हैं और सामने पानी भरा रहता है, जिससे यह अनुपयोगी हो गया है। इन समस्याओं के अलावा, गांव में एक पागल कुत्ते का खौफ भी बना हुआ है। इस कुत्ते ने अब तक कई ग्रामीणों और पशुओं को काटकर घायल कर दिया है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। समस्याओं के संबंध में एडीओ पंचायत सत्येंद्र सिंह से बात करने पर उन्होंने बताया कि संबंधित पंचायत सचिव को इन समस्याओं का शीघ्र निस्तारण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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