चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) में करोड़ों रुपये के कथित गबन और अनियमितताओं के आरोप पर छात्रों ने कुलपति (वीसी) का घेराव करने का प्रयास किया। इस दौरान छात्र नेताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई। छात्र नेता विजित तालियान के नेतृत्व में छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय से संबद्ध कई निजी महाविद्यालय वर्षों से छात्रों से संगठित रूप से अवैध शुल्क वसूल रहे हैं। इसमें प्रवेश के समय तय शुल्क के बावजूद फैकल्टी परिवर्तन, प्रैक्टिकल, इंटर्नशिप लेटर और लेट फीस के नाम पर 30-40 हजार रुपये तक की अवैध वसूली शामिल है। छात्रों ने आरोप लगाया कि ऐसा न करने पर प्रवेश रद्द करने की धमकी दी जाती है।
छात्रों ने मांग की है कि ऐसे सभी भ्रष्ट निजी महाविद्यालयों की पहचान कर एक विशेष जांच समिति का गठन किया जाए। इस समिति द्वारा संबद्ध महाविद्यालयों की भौतिक सुविधाओं, प्रबंधन व्यवहार, शुल्क संरचना, शैक्षणिक गुणवत्ता और संबद्धता मानकों की वार्षिक जांच कराई जाए। दोषी पाए जाने वाले महाविद्यालयों के खिलाफ नियमानुसार कठोर अनुशासनात्मक और दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग भी की गई। अन्य मांगों में 75% या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले मेधावी छात्रों की फीस पूरी तरह माफ करना और विश्वविद्यालय का नाम रोशन करने वाले स्पोर्ट्स मेडलिस्ट छात्रों की बैंक परीक्षा फीस तत्काल माफ करना शामिल है। छात्रों ने यह भी मांग की कि A++ ग्रेड विश्वविद्यालय होने के नाते, पीएचडी प्रवेश परीक्षा प्रति वर्ष आयोजित की जाए। छात्रों ने विश्वविद्यालय के समस्त छात्रावासों की दयनीय स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने मेस और शौचालयों की खराब हालत तथा छात्रावासों में नशे के इंजेक्शनों की खबरों पर तत्काल सुधार की मांग की। छात्रों ने बताया कि विगत लगभग पांच महीनों से मेस संचालन हेतु टेंडर प्रक्रिया लंबित है, केवल दुर्गा भाभी छात्रावास का मेस ठेका दिया गया है, जबकि अन्य छात्रावासों के टेंडर अब तक नहीं खोले गए हैं।
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