उत्तर प्रदेश किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को चित्रकूट के कर्वी कचहरी परिसर में केंद्रीय बजट 2026-27 के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने बजट को किसान-मजदूर विरोधी बताते हुए उसकी प्रतियां जलाईं और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने उपजिलाधिकारी कर्वी के माध्यम से राष्ट्रपति को एक ज्ञापन भी भेजा। किसान सभा के नेताओं ने आरोप लगाया कि बजट में किसानों और आम आदमी की उपेक्षा की गई है। उन्होंने कहा कि बजट में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर कोई ठोस घोषणा नहीं की गई है। इसके अतिरिक्त, उद्योग और टैक्स में भी कोई राहत नहीं दी गई, और मध्यम तथा कमजोर वर्ग के लिए भी कोई ठोस प्रावधान नहीं है। कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा सिर्फ एक “झुनझुना” साबित हो रहा है। नेताओं ने बताया कि खाद-उर्वरक सब्सिडी में 15,769 करोड़ रुपये की कटौती की गई है। मनरेगा जैसी रोजगारपरक योजना को कमजोर किया गया है, जबकि वीबीजी-रामजी योजना के बजट में एक-तिहाई की कटौती कर दी गई है। किसानों की कर्ज माफी का कोई जिक्र नहीं है, और न ही आपदा राहत तथा फसल बीमा के बजट में बढ़ोतरी की गई है। बेरोजगारों के लिए रोजगार देने की कोई ठोस योजना भी बजट में नहीं दिखाई देती। किसान सभा ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो 12 फरवरी 2026 को केंद्रीय बजट 2026-27 के विरोध में रेल और सड़क रोककर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस प्रदर्शन में राम सहांय सिंह, बीरबहादुर बिक, गिरधर मिश्र, रमेश प्रसाद, पूनम, सीमा राइन, मनधूमन, रमाशंकर मौतम सहित बड़ी संख्या में किसान शामिल रहे। किसान सभा चित्रकूट के अध्यक्ष विजय कुमार ने कहा, “यह बजट किसान और मजदूर विरोधी है। जब तक किसानों की मांगें नहीं मानी जाएंगी, आंदोलन जारी रहेगा।”
https://ift.tt/YX4qU6k
🔗 Source:
Visit Original Article
📰 Curated by:
DNI News Live

Leave a Reply