DniNews.Live

Fast. Fresh. Sharp. Relevant News

चित्रकूट पेंशन घोटाला: 43.13 करोड़ रुपये का मामला:नामजद पेंशनरों, बिचौलियों और अफसरों की बढ़ी मुश्किलें, गिरफ्तारी की तलवार लटकी

चित्रकूट कोषागार में सामने आए 43.13 करोड़ रुपये के पेंशन घोटाले में नामजद पेंशनरों, बिचौलियों और विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जांच के दौरान संपत्ति का पूरा ब्यौरा न देने पर आरोपियों पर अब गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। सूत्रों के अनुसार, यदि तय समय में संतोषजनक जानकारी नहीं दी गई तो एसआईटी सख्त कार्रवाई कर सकती है। एसआईटी लंबी पूछताछ के बावजूद घोटाले की सभी परतें नहीं खोल पाई है। जांच में सामने आया है कि विभागीय अधिकारी और कर्मचारी अपनी चल-अचल संपत्तियों का ब्योरा देने में आनाकानी कर रहे हैं। नामजद एटीओ विकास सचान, एकाउंटेंट अशोक वर्मा और सेवानिवृत्त एटीओ अवधेश प्रताप सिंह द्वारा दिए गए संपत्ति रिकॉर्ड भी अधूरे पाए गए हैं। जिलाधिकारी के आदेश पर रजिस्ट्रार कार्यालय ने आरोपियों की संपत्ति के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी है। हालांकि, अब तक उनकी कुल संपत्ति का पूरा विवरण जांच टीम तक नहीं पहुंच सका है। इस बीच, जांच के दायरे में छह नए बिचौलियों की पहचान हुई है। इन्हें रविवार तक एसआईटी के सामने पेश होकर जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें उन पेंशनरों के खातों का भी ब्योरा प्रस्तुत करना होगा जिनका वे संचालन कर रहे थे। सूत्रों के मुताबिक, अगले सप्ताह सोमवार से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी इस मामले में औपचारिक जांच शुरू कर सकता है। ईडी सबसे पहले विभागीय अधिकारियों की संपत्तियों की गहन पड़ताल करेगा। वर्ष 2014 से पेंशन भुगतान से जुड़े खातों की जांच में संदिग्ध पाए गए पांच खातों की राशि का मिलान गुरुवार को भी नहीं हो सका। जांच टीम के निर्देशों के बावजूद कोषागार विभाग के अधिकारी इन खातों में भेजी गई राशि और बैंक खातों में दर्शाई गई रकम के अंतर को स्पष्ट नहीं कर पाए। तीन बैंकों में हुए भुगतान और उन्हें पास करने वाले कर्मचारियों की सूची तैयार कर ली गई है, जिसे शुक्रवार को एसआईटी को सौंपा जाएगा। इन कर्मचारियों से भी जल्द पूछताछ की संभावना है। उधर, नए साल के दिन भी कोषागार विभाग में माहौल पूरी तरह बदला-बदला नजर आया। जहां पहले कार्यालय को लाइट और गुब्बारों से सजाया जाता था, वहीं इस बार न कोई जश्न दिखा और न ही सामूहिक आयोजन। कई अधिकारी-कर्मचारी कार्यालय तो पहुंचे, लेकिन सिर्फ औपचारिक बधाइयों तक ही सीमित रहे। घोटाले और जेल जाने की कार्रवाई के बाद कोषागार विभाग में सन्नाटा साफ झलक रहा है।


https://ift.tt/KXCFZRU

🔗 Source:

Visit Original Article

📰 Curated by:

DNI News Live

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *