चित्रकूट की विशेष पॉक्सो एक्ट अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में अभियुक्त छोटू उर्फ तेज प्रताप को 25 वर्ष के कठोर कारावास और 50,000 रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला 1 जनवरी, 2026 को सुनाया गया। अपर सत्र न्यायाधीश रेनू मिश्रा की अदालत ने थाना रैपुरा में दर्ज मु0अ0सं0 37/2020, धारा 376 भादवि व 5/6 पॉक्सो एक्ट के तहत यह निर्णय दिया। पुलिस मुख्यालय द्वारा पैरवी हेतु चिन्हित इस मामले में अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (विशेष पॉक्सो एक्ट) तेज प्रताप सिंह ने प्रभावी प्रस्तुति और बहस की। यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत की गई, जिसका उद्देश्य न्यायालयों में लंबित मामलों में गहन पैरवी कर अपराधियों को अधिक से अधिक सजा दिलाना है। पुलिस अधीक्षक चित्रकूट अरुण कुमार सिंह के निर्देशों पर प्रभारी निरीक्षक रैपुरा आशुतोष तिवारी, पैरोकार आरक्षी अशोक कुमार पाल और मॉनिटरिंग सेल प्रभारी प्रभुनाथ यादव की टीम ने इस मामले में गहन पैरवी की। घटना 5 अप्रैल, 2020 की है, जब एक वादिया ने थाना रैपुरा में सूचना दी थी कि अभियुक्त छोटू उर्फ तेज प्रताप ने उनकी मानसिक रूप से विक्षिप्त नाबालिग बेटी के साथ बलात्कार किया था। इस संबंध में थाना रैपुरा में तत्काल मुकदमा दर्ज किया गया था। तत्कालीन निरीक्षक धर्मराज यादव ने मामले की विवेचना की। अभियुक्त छोटू उर्फ तेज प्रताप को 6 अप्रैल, 2020 को गिरफ्तार किया गया और उसके विरुद्ध 3 जुलाई, 2020 को माननीय न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया था।
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