चंदौली के मैरून निशा (30) का शव बीते रविवार को बिहार के रोहतास जिले के डेहरी थाना क्षेत्र में रेलवे सब्जी मंडी के पास कूड़े के ढेर पर पड़े एक सूटकेस से बरामद हुआ था। घटना के बाद से मृतका के मायके में शोक और आक्रोश का माहौल है। शव को बरठी गांव के कब्रिस्तान में दफनाया जा चुका है। ग्रामीणों और परिजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील करते हुए आरोपी को फांसी की सजा दिलाने की मांग की है। मैरून निशा सकलडीहा कोतवाली क्षेत्र के बरठी गांव निवासी की रहने वाली थी। शादी के 3 साल बाद हुई हत्या मृतका के पिता स्व. अब्दुला शेख (घुरफेकन) के छह पुत्र और दो पुत्रियां थीं। मैरून निशा की शादी 2022 में बिहार के रोहतास जिले के डेहरी थाना क्षेत्र के जग्गी बिगहा न्यू मोहल्ला निवासी कयामुद्दीन पुत्र सलीम से हुई थी। दंपती का एक दो वर्षीय पुत्र अलिशाद भी है। मंगलवार को जब मीडिया टीम मृतका के मायके पहुंची, तो हर तरफ गम और गुस्से का माहौल देखने को मिला। परिजन लगातार आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहे थे। भाई ने लगाए हत्या के गंभीर आरोप मृतका के भाई सरवर शेख ने बताया कि बहनोई कयामुद्दीन ने शुक्रवार को ही मैरून निशा की हत्या कर दी थी। इसके बाद शनिवार को उसने परिजनों को गुमराह करते हुए कहा कि मैरून निशा कहीं चली गई है। शक होने पर सरवर अपनी मां के साथ डेहरी पहुंचे, जहां उन्हें सूटकेस में एक महिला का शव मिलने की जानकारी मिली। सरवर ने बताया कि शव के गले में लटक रहे ताबीज से उन्होंने अपनी बहन की पहचान की। उन्होंने आरोप लगाया कि कयामुद्दीन के अपने मामी की बहन से अवैध संबंध थे और इसी कारण उसने मैरून निशा की नृशंस हत्या कर दी। परिजनों के अनुसार, मैरून निशा ने बरठी स्थित कन्या विद्यालय से कक्षा 10वीं तक शिक्षा प्राप्त की थी। बीते 26 नवंबर को वह अपने पति के साथ एक रिश्तेदार की शादी में बरठी गांव आई थी। दो दिन रुकने के बाद दोनों वापस डेहरी लौट गए थे। घटना के बाद से गांव में गहरा आक्रोश है। परिजनों का कहना है कि जब तक आरोपी को कठोरतम सजा नहीं मिलेगी, उन्हें न्याय का एहसास नहीं होगा।
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