महोबा में गौशालाओं में गोवंश की बदहाल स्थिति को लेकर राष्ट्रीय गौ रक्षक संघ ने बुधवार को कलेक्ट्रेट में जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन की महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश सचिव प्रियंका सक्सेना के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए कई ग्राम पंचायतों की गौशालाओं में गोवंश के साथ क्रूरता और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। प्रदर्शन के दौरान संघ के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि परसाहा, सिंघनपुर बघारी, सुरहा और गहरा गांव की गौशालाओं में गोवंश की स्थिति अत्यंत दयनीय है। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि गौवंश के लिए न तो पर्याप्त भूसे की व्यवस्था है और न ही हरे चारे की। पीने के पानी में काई जमी हुई है, जिससे पशुओं के बीमार होने की आशंका बढ़ गई है। मृत गोवंश के निस्तारण को लेकर गंभीर आरोप संघ ने यह भी आरोप लगाया कि कड़ाके की ठंड से बचाव के लिए गौशालाओं में कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। सबसे गंभीर आरोप मृत गोवंश के निस्तारण को लेकर लगाया गया है। संगठन का कहना है कि मृत पशुओं को दफनाने के बजाय गौशाला परिसर में ही छोड़ दिया जाता है, जहां उन्हें आवारा कुत्ते नोचते रहते हैं। वहीं, बीमार गोवंश के इलाज के लिए न तो पशु चिकित्सक उपलब्ध हैं और न ही कोई चिकित्सा सुविधा। मिलीभगत कर भ्रष्टाचार करने का आरोप राष्ट्रीय गौ रक्षक संघ ने ग्राम प्रधानों और सचिवों पर मिलीभगत कर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाते हुए मृत गोवंश की हड्डियों के अवैध कारोबार की भी बात कही है। संगठन ने इन सभी मामलों की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिससे कलेक्ट्रेट परिसर में कुछ समय के लिए हलचल का माहौल बना रहा।
https://ift.tt/UyhEiMb
🔗 Source:
Visit Original Article
📰 Curated by:
DNI News Live

Leave a Reply