अम्बेडकरनगर में निराश्रित गोवंश के संरक्षण और समुचित देखभाल के उद्देश्य से मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) आनंद कुमार शुक्ला के नेतृत्व में अधिकारियों ने गौशालाओं का गहन निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का मुख्य लक्ष्य शासन की मंशा के अनुरूप गौशालाओं में व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करना था। निरीक्षण दल में परियोजना अधिकारी डीआरडीए अनिल कुमार सिंह और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार सिंह भी शामिल थे। मुख्य विकास अधिकारी ने विकासखंड टांडा की गौशाला डांडी का दौरा किया। वहीं, अपर जिलाधिकारी ने विकासखंड भीटी की गौशाला तेरिया का निरीक्षण किया, जबकि परियोजना अधिकारी डीआरडीए ने भीटी की गौशाला केवारीपरमानंद का जायजा लिया। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने भीटी की गौशाला विलोलपुर का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का विस्तृत अवलोकन किया। अधिकारियों ने गौशालाओं में निराश्रित गोवंश के लिए आवश्यक सुविधाओं का जायजा लिया। इसमें पर्याप्त हरे चारे और भूसे की उपलब्धता, स्वच्छ पेयजल, शेड की व्यवस्था, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, बाड़बंदी और सुरक्षा प्रबंध शामिल थे। इसके साथ ही, गोबर निस्तारण, पशुओं की स्वास्थ्य स्थिति, नियमित टीकाकरण और उपचार व्यवस्था की भी गहनता से जांच की गई। निरीक्षण के उपरांत, मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला ने संबंधित अधिकारियों और गौशाला प्रभारियों को कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निराश्रित गोवंश की देखभाल में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीडीओ ने सभी गौशालाओं में प्रतिदिन चारा-पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और स्वच्छता मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। सीडीओ ने गौशालाओं में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, समयबद्ध टीकाकरण और बीमार या कमजोर पशुओं के लिए अलग से देखरेख एवं त्वरित उपचार की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप गौशालाओं का संचालन व्यवस्थित और मानवीय दृष्टिकोण के साथ होना चाहिए, जिसके लिए विकासखंड स्तर पर नियमित निरीक्षण और सतत निगरानी आवश्यक है।
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