गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित एएनएम ट्रेनिंग सेंटर में चतुर्थ बैच की प्रशिक्षु ANM का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रशिक्षु ANM, अध्यापक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल हुए। समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद सभी प्रशिक्षुओं ने ईमानदारी, निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ स्वास्थ्य सेवाएं देने की शपथ ली। मुख्य अतिथि CMO डॉ राजेश झा ने कहा कि सेवा भाव ही स्वास्थ्य तंत्र का सबसे महत्वपूर्ण तत्व है। ANM जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की पहली कड़ी होती हैं और आम लोगों से उनका सीधा संपर्क होता है। ऐसे में उनकी कार्यशैली और व्यवहार से ही स्वास्थ्य व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर सामने आती है।
गुणवत्तापूर्ण सेवाओं पर दिया गया जोर
CMO ने प्रशिक्षु ANM से कहा कि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद जब वे अपने कार्यक्षेत्र में जाएं, तो मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, पोषण और प्राथमिक उपचार जैसी सेवाओं में गुणवत्ता और समयबद्धता को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की सफलता काफी हद तक ANM के कार्य पर निर्भर करती है। डॉ झा ने कहा कि ANM स्वास्थ्य सेवाओं की नींव होती हैं। नींव जितनी मजबूत होगी, स्वास्थ्य व्यवस्था भी उतनी ही प्रभावी बनेगी। उन्होंने बताया कि ANM जैसी अग्रिम पंक्ति की स्वास्थ्य कर्मियों के निरंतर प्रयासों से प्रदेश में जच्चा-बच्चा मृत्यु दर में कमी आई है और इसे और कम करने की दिशा में लगातार काम करने की जरूरत है। प्रशिक्षकों और प्रशिक्षुओं को दी शुभकामनाएं
CMO ने केंद्र की प्रधानाचार्य कंचन त्रिपाठी, सभी अध्यापकों और प्रशिक्षु ANM को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान और व्यवहारिक अनुभव भविष्य में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने में सहायक सिद्ध होंगे। कार्यक्रम को संयुक्त निदेशक डॉ बीएम राव, कीटविज्ञानी डॉ वीके श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारियों और चिकित्सकों ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि ANM की भूमिका केवल स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि जन-जागरूकता और रोग निवारण में भी उनका योगदान अहम है।
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