गोरखपुर में कथावाचक राजन जी महाराज की टीम को गोली मारने की धमकी के बाद से राजन जी काफी निराश हुए। जिसके बाद से वो कथा के बाद विश्राम के लिए गोरखपुर नहीं रुक रहे। धमकी वाली घटना के बाद ऐसा माना जा रहा है कि उन्हें अपने टीम मेम्बर के लोगों की चिंता भी सता रही। सूत्रों के अनुसार इस घटना से आहत होकर राजन जी और उनकी पूरी टीम कथा को बीच में छोड़कर वापस जाने का मन बना लिया था। जनप्रतिनिधि और लोगों के समझाने व आश्वासन के बाद उन्होंने आगे की कथा को निर्धारित समय से शुरू करने का मन बनाया लेकिन कथा समाप्त होने के बाद वो गोरखपुर नहीं रुक रहे। महाराज जी इस बात से भी काफी आहत हुए थे जब उनको पता चला था कि किसी आयोजकों द्वारा श्रद्धालुओं को उनसे मिलवाने के लिए 1100–1100 रुपए लिया जा रहा है। इस बात पर नाराजगी जताते हुए राजन जी महाराज ने गोरखपुर में अपनी कथा के चौथे दिन जिक्र भी किया था कि 16 साल के यात्रा में पहली बार ऐसी घटना हुई है। इन सभी आरोपों पर आयोजकों का कोई पक्ष दैनिक भास्कर से खुलकर बात करने के लिए तैयार नहीं हुआ इसके अलावा न ही उनके तरफ से कोई स्पष्टीकरण दिया गया। अब सिलसिलेवार तरीके से पूरा मामला समझ लीजिए… गोरखपुर के चम्पा देवी पार्क में राजन जी महाराज की 9 दिवसीय श्री राम कथा 27 जनवरी से शुरू हुई। इसका समापन 4 फरवरी को होना है। कथा के तीसरे दिन यानी 29 जनवरी को आयोजकों का एक पक्ष किसी बात को लेकर कथावाचक की टीम के साथ भिड़ गया। बात इतनी बढ़ गई कि दोनों कहासुनी होने लगी। इसी बीच किसी ने राजन जी महाराज की टीम को जान से मारने की धमकी दे डाली। प्रकरण का पता चलते ही राजन जी महाराज ने वापस जाने का मन बना लिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए एक जनप्रतिनिधि ने उन्हें मनाया। दोबारा ऐसा न होने का आश्वासन दिया। तब जाकर राजन जी महाराज और टीम यहां रुकी। इस घटना के अगले दिन राजन जी ने कथा के दौरान कहा कि- ‘ कल मंच पर आने के लिए बवाल हो गया। हमारी टीम के साथ अभद्रता की गई। इसलिए हमने मंच पर लोगों को चढ़ाना ही बंद कर दिया। उन्होंने आगे कहा- हमें दुख इस बात का है कि घटना हमारे घर में हुई। गोरखपुर हमारा घर है। 16 साल की यात्रा में पहली बार ऐसी घटना हुई। हमारे घर में बवाल हुआ है। हमारे टीम के लोगों को गोली मारने की धमकी दी गई है। अरे… किसी में हिम्मत है तो गोली मार के दिखाए।’ हमसे मिलवाने के लिए कोई 1100 रुपए ले रहा, सावधान हो जाएं राजन जी महाराज ने घटना का जिक्र अगले दिन यानी 28 जनवरी को अपनी कथा में किया। कहा- 16 साल की इस यात्रा में पहली बार ऐसी बातें सामने आईं हैं। हम बोलते नहीं हैं। हम प्रेम से घर में कथा सुनाने आए हैं तो उसी प्रेम से सुनिए। एक बात कहूं, सुनने में आया है कि हमसे मिलवाने के लिए कोई 1100 रुपए ले रहा है, ऐसे लोग सावधान हो जाएं। राजन जी महाराज ने कहा- हम स्पष्ट बताते हैं कि धरती के किसी भी कोने में, देश-विदेश में, कहीं भी हम पैसा लेकर नहीं मिलते। मिलने का समय निश्चित होता है। हर कथा में दोपहर में 1 घंटे मिलते हैं। श्री राम कथा आयोजन समिति करा रही कथा इस श्रीराम कथा का आयोजन श्री राम कथा आयोजन समिति संस्था द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम के मुख्य आयोजकों में डॉ. कुमुद त्रिपाठी, मदन मोहन त्रिपाठी, विधायक प्रदीप शुक्ल, अशोक शुक्ल, भोलेंद्र दुबे सहित अन्य लोग शामिल हैं। पूरे मामले में लोगों का कहना है- शुरू से कथा आयोजकों के बीच आपसी तालमेल न होने से ये सब बातें सामने आ रही हैं। गोरखपुर में कथा आयोजन में ऐसी बातें होना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। कथावाचक राजन महाराज के बारे में जानिए- ———————————- ये खबर भी पढ़िए- राजन जी की कथा में 5वें दिन धनुष भंग और सीता-राम विवाह का प्रसंग, भजन पर झूमते रहे लोग गोरखपुर के चंपा देवी पार्क में कथा के पांचवें दिन श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। राजन जी महाराज ने इस दिन धनुष भंग और सीता-राम विवाह का भावपूर्ण प्रसंग सुनाया। कथा सुनने के लिए रोज की तरह करीब 40 से 50 हजार श्रद्धालु पहुंचे। कथा का शुभारंभ राजन जी महाराज ने आरती और भजनों के साथ किया। भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। भारी भीड़ को देखते हुए पंडाल को और बड़ा किया गया, ताकि अधिक से अधिक लोगों के बैठने की व्यवस्था हो सके। पढ़ें पूरी खबर…
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