गोंडा में जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने खाद की अनुपलब्धता पर एक सहकारी समिति के सचिव को फटकार लगाई। उन्होंने जिले के कई धान क्रय केंद्रों और सरकारी खाद गोदामों का निरीक्षण किया, जहां धान खरीद की धीमी गति और खाद की कमी पाई गई है। जिले में 1 नवंबर से अब तक 96 धान क्रय केंद्रों पर कुल 3658 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है। धान बेचने के लिए 4300 से अधिक किसानों ने पंजीकरण कराया था, लेकिन इनमें से केवल 841 किसानों ने ही सरकारी केंद्रों पर अपना धान बेचा है। इन किसानों को 48 घंटे के भीतर डीबीटी के माध्यम से भुगतान किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को जागरूक कर अधिक से अधिक धान की खरीद सुनिश्चित की जाए। जिले के लिए 1.18 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसे समय से पहले पूरा करने के लिए कहा गया है। खाद गोदामों के निरीक्षण के दौरान, डीएम प्रियंका निरंजन ने बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति लिमिटेड केशवपुर पहड़वा का दौरा किया। वहां खाद अनुपलब्ध पाए जाने पर उन्होंने सचिव को कड़ी फटकार लगाई और गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि जिले की सभी सहकारी समितियों और क्रय केंद्रों पर खाद की पर्याप्त उपलब्धता समय पर सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पिछली बार की तरह खाद के लिए किसानों को लाइन में न लगना पड़े और गेहूं की बुवाई में कोई दिक्कत न हो। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नवीन गल्ला मण्डी में धान बेचने आए किसानों से जिलाधिकारी ने पूछा कि उन्हें क्रय केंद्र पर किसी प्रकार की दिक्कत या परेशानी का सामना तो नहीं करना पड़ा। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि धान खरीद प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सुगम तरीके से संचालित हो, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए तथा तौल एवं भुगतान की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों को खाद के लिए इधर-उधर भटकना पड़े, यह बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने निर्देशित किया कि खाद की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम तत्काल प्रभाव से उठाए जाएं। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी भी केंद्र पर खाद की कमी पाई जाती है या किसानों को परेशानी होती है तो दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान जिला खाद्य विपणन अधिकारी एनके पाठक,एआर कोऑपरेटिव रवि शंकर चौधरी तथा यूपीपीसीएफ प्रबंधक जितेंद्र वर्मा सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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