मैनपुरी में टिंडौली रेलवे फाटक नहीं खोलने पर गेटमैन पर पिस्टल तानने वाले एसओजी टीम थी। गेटमैन से मारपीट और सरकारी पिस्टल दिखाकर धमकाने के मामले में एसपी ने एसओजी प्रभारी समेत 4 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। वहीं चार अन्य पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। रविवार देर रात कालिंद्री एक्सप्रेस के गुजरने के दौरान एसओजी टीम मौके पर पहुंची और गेट खोलने का दबाव बनाने लगी। गेटमैन ने ट्रेन के ट्रैक पर होने का हवाला देते हुए फाटक खोलने से इनकार कर दिया। गेटमैन अवध किशोर को उठाकर मारते हुए कार तक ले जाने लगे। पूरी वारदात रेलवे फाटक पर लगे CCTV सामने आया था। घटना 2 फरवरी की रात टिंडोली रेलवे स्टेशन से 2 किमी दूर का था।
दोषी पाए जाने कार्रवाई- एसपी गुरुवार को मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी गणेश प्रसाद साहा ने कार्रवाई करते हुए एसओजी टीम प्रभारी जितेंद्र चंदेल, आरक्षी मोहन, प्रदीप सोलंकी और उप निरीक्षक महेंद्र प्रताप को निलंबित कर दिया है। वहीं, एसओजी टीम के आरक्षी आजाद सहित चार अन्य पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है। पुलिस अधीक्षक ने कहा, मामले की जांच अभी जारी है। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। अब पूरा मामला विस्तार से समझ लीजिए… घटना 2 फरवरी 2026 की रात करीब 1:25 बजे की बताई जा रही है। टिण्डौली रेलवे क्रॉसिंग, जो जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर और पास के टिण्डौली रेलवे स्टेशन से मात्र 1–2 किलोमीटर की दूरी पर है, उस वक्त कालिंदी एक्सप्रेस के गुजरने के कारण फाटक बंद था। इसी दौरान एक टाटा सूमो और एक अन्य कार फाटक के पास आकर रुकी। कार से एसओटी टीम के 5–6 लोग हाथों में हथियार लेकर उतरे थे। जो सीधे गेटमैन के केबिन में घुसकर फाटक खोलने का दबाव बनाना शुरू कर दिया था। गेटमैन अवध किशोर ने जब नियमों का हवाला देते हुए ट्रेन गुजरने से पहले फाटक खोलने से इनकार कर दिया था, तो कथित पुलिसकर्मी बेकाबू हो गए। गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और मारपीट करने लगे। आरोप है कि एक व्यक्ति ने सीधे पिस्टल तान दी, जबकि बाकी लोग कमर में हथियार लगाए खड़े रहे। ट्रैक पेट्रोलिंग मैन ने बयां किया खौफ
घटना के वक्त नाइट पेट्रोलिंग पर मौजूद ट्रैक पेट्रोलिंग मैन नारायण सिंह भी मौके पर पहुंचा था। उन्होंने बताया- हम लोग नाइट पेट्रोलिंग पर थे। कालिंदी एक्सप्रेस को लेकर फाटक बंद किया गया था। तभी 5–6 लोग कार से उतरकर केबिन में घुस आए थे। गेटमैन से गाली-गलौज करने लगे और फाटक खोलने को कहा। मना करने पर मारपीट की और पिस्टल तान दी।” नारायण सिंह के मुताबिक, सभी लोग हथियारों से लैस थे और उन्होंने रेलवे कर्मचारियों के साथ अभद्रता की सारी हदें पार कर दीं थी। 15 मिनट तक रुकी ट्रेन, हॉर्न से गूंजता रहा इलाका
इस दबंगई के चलते रेलवे सिग्नल नहीं मिला था। कालिंदी एक्सप्रेस करीब 10 से 15 मिनट तक रेलवे क्रॉसिंग पर खड़ी थी। लगातार हॉर्न बजाती रही। रात के सन्नाटे में हॉर्न की आवाज से इलाके में दहशत फैल गई। रेलवे कर्मचारियों का कहना है कि अगर जरा सी भी चूक होती, तो बड़ा रेल हादसा हो सकता था। —————————— ये खबर भी पढ़िए… पति की मौत के बाद पत्नी ट्रेन के नीचे आई,VIDEO:कानपुर में जवान ने 3 सेकेंड में बचाया; ट्रैक-ट्रेन के बीच फंस गई थीं कानपुर में चलती ट्रेन में चढ़ते वक्त बुजुर्ग महिला का पैर फिसला और उनका एक हाथ ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच फंस गया। महिला पहिए के नीचे जाने ही वाली थी, तभी RPF जवान ने उन्हें खींच लिया। पूरी घटना सिर्फ 3 सेकेंड में हुई। घटना कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन की बुधवार देर रात 2 बजे की है। स्टेशन पर लगे CCTV में पूरी घटना कैद हो गई। पढ़ें पूरी खबर…
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