गाजीपुर जिले में जन्मजात क्लब फुट (टेढ़े पंजे) से पीड़ित एक बच्ची का सफल इलाज किया गया है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) टीम की सतर्कता और समय पर पहचान के कारण बच्ची अब पूरी तरह स्वस्थ है। जिलाधिकारी अविनाश कुमार के निर्देश और मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में यह संभव हो पाया। यह मामला जनवरी माह का है, जब सिखड़ी निवासी प्रेमचंद की पुत्री अनन्या के पैर जन्म के समय ही कमर के पास से पीछे की ओर मुड़े हुए थे। यह क्लब फुट का एक गंभीर मामला था। आरबीएसके टीम ने समय रहते बच्ची की पहचान की। डॉ. योगेश प्रताप सिंह की देखरेख में मेडिकल कॉलेज में जांच और इलाज कराया गया, जिसके बाद अनन्या पूर्णतः स्वस्थ हो गई। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनिहारी पर तैनात डॉ. शम्सुल इस्लाम, डॉ. उदीशा गुप्ता और डॉ. योगेश प्रताप सिंह आंगनवाड़ी केंद्रों और सरकारी विद्यालयों में बच्चों की नियमित जांच करते हैं। इसी अभियान के दौरान, जन्मजात कटे होंठ और तालु से पीड़ित कुल 6 बच्चों को भी चिन्हित किया गया। इन बच्चों का निःशुल्क ऑपरेशन हेरिटेज हॉस्पिटल, वाराणसी में जिला मुख्य चिकित्साधिकारी और जिला कार्यक्रम प्रबंधक के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक कराया गया। कार्यक्रम के तहत ‘4D’ – जन्मजात दोष, रोग, पोषण संबंधी कमियां और विकास में देरी – जैसी 32 स्वास्थ्य स्थितियों की पहचान की जाती है। क्लब फुट से पीड़ित अन्य बच्चों का इलाज भी जिला अस्पताल में लगातार जारी है।
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