उन्नाव में जिलाधिकारी गौरांग राठी के निर्देश पर बुधवार को गंगाघाट नगर पालिका क्षेत्र में चल रहे कार्यों की शिकायतों की जांच शुरू की गई। एसडीएम न्यायिक रामदेव निषाद और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) सुबोध कुमार ने संयुक्त रूप से गंगाघाट पहुंचकर मौके पर निरीक्षण किया। एसडीएम न्यायिक रामदेव निषाद ने बताया कि नगर पालिका गंगाघाट से संबंधित कई शिकायतें मिली थीं। इनमें निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता और आउटसोर्सिंग कर्मियों की भर्ती से जुड़ी आपत्तियां शामिल हैं। इन सभी बिंदुओं पर गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आउटसोर्सिंग कर्मियों की भर्ती से संबंधित शिकायतों की जांच के लिए एक अलग टीम गठित की जाएगी। यह टीम पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी। निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने थाने गेट से लेकर सेल्फी प्वाइंट तक तीन अलग-अलग स्थानों पर इंटरलॉकिंग सड़क को खुदवाकर गुणवत्ता की जांच की। उन्होंने निर्माण में प्रयुक्त सामग्री, मोटाई और मानकों का अवलोकन किया। यह इंटरलॉकिंग कार्य 110 मीटर लंबाई में 11.73 लाख रुपये की लागत से कराया गया था। इसके अतिरिक्त, अधिकारियों ने नगर पालिका क्षेत्र में स्थित सुलभ शौचालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां साफ-सफाई, रखरखाव और संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं की पड़ताल की। संबंधित कर्मचारियों से जानकारी लेकर आवश्यक सुधार के निर्देश भी दिए गए। एसडीएम न्यायिक रामदेव निषाद ने बताया कि मौके पर की गई जांच और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी। इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि शिकायतों की निष्पक्ष जांच होगी और अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान शिकायतकर्ता राजेंद्र गुप्ता और राजीव शुक्ला भी मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने अपनी शिकायतों से जुड़े बिंदुओं को अधिकारियों के सामने प्रस्तुत किया। वहीं नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी मुकेश कुमार मिश्रा भी निरीक्षण के समय उपस्थित रहे और उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई।
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