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कोर्ट के आदेश पर सास को घर में मिली एंट्री:12 पुलिसवालों के साथ महिला को लेकर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट, बहू ने निकाला था

फिरोजाबाद में एक बुजुर्ग महिला को कोर्ट के आदेश पर अपने घर में एंट्री मिली। उन्हें 2 साल तक अपनी बेटी के यहां रहना पड़ा। गुरुवार को सिटी मजिस्ट्रेट और इंस्पेक्टर 3 गाड़ियों और 12 पुलिसवालों के साथ महिला के घर पहुंचे। उन्हें घर में प्रवेश कराया। बहू को हिदायत दी कि वह घर के एक कमरे में रहेगी। बाकी घर में सास रहेगी। अगर सास को परेशान किया तो कार्रवाई होगी। बहू का अपने पति से विवाद चल रहा था। गुस्से में पति घर छोड़कर चला गया। इसके बाद बहू ने सास को परेशान करना शुरू कर दिया। उसे उसके ही घर से निकाल दिया। सास ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने पुलिस को सास को घर में प्रवेश कराने का आदेश दिया। साथ ही चेतावनी दी कि सास के साथ बहू गलत व्यवहार न करे। मामला थाना दक्षिण इलाके का है। अब पढ़िए पूरा मामला… राजपुताना मोहल्ले में बुजुर्ग सत्यवती का मकान है। इसमें 4 दुकानें भी हैं। सत्यवती के बेटे राहुल और बहू कृष्णा के बीच विवाद चल रहा था। मामला कोर्ट में है। इस कारण राहुल दिसंबर, 2023 में मकान छोड़कर चला गया। वह आज तक वापस लौटकर नहीं आया। राहुल के कोई संतान नहीं है। दिसंबर में ही बहू कृष्णा ने सास को घर से बाहर ​निकाल दिया। मकान को किराए पर उठा दिया। सास अपनी बेटी के यहां मेरठ में जाकर रहने लगीं। 24 अगस्त 2025 को कोर्ट ने सुनाया फैसला
सास सत्यवती ने जनवरी 2025 में सीजेएम कोर्ट में वाद दायर किया। 24 अगस्त 2025 को कोर्ट ने सास सत्यवती के पक्ष में फैसला सुनाया। उन्हें अपने घर में रहने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा- बहू को रहने के लिए एक कमरा मिलेगा। बाकी घर में सास रहेगी। कोर्ट ने कहा- उनके साथ किसी प्रकार का दुर्व्यवहार न किया जाए। कोर्ट के आदेश के अनुपालन में गुरुवार को सिटी मजिस्ट्रेट विनोद कुमार पांडेय और थाना दक्षिण इलाके के कोतवाल योगेंद्र पाल सिंह 3 गाड़ियों के साथ सत्यवती को लेकर उनके घर पहुंचे। इंस्पेक्टर ने सत्यवती को अपनी गाड़ी में बैठाया था। सुरक्षा के लिए 12 पुलिसकर्मी भी साथ थे। कोर्ट के आदेश का पालन कराने में 6 महीने लग गए
सिटी मजिस्ट्रेट ने सास सत्यवती को घर में प्रवेश कराया। बहू कृष्णा को सख्त चेतावनी दी। कहा- अगर भविष्य में सास के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार, प्रताड़ना की गई तो कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस को कोर्ट के आदेश का पालन कराने में 6 महीने से अधिक समय लग गया। इस पर पुलिस का कहना है कि महिला अपनी बेटी के यहां मेरठ में रह रही थी। आज जब महिला आईं तो उन्हें साथ लेकर घर पहुंचाया गया। मकान में रह रहे किरायदारों से मकान खाली कराया गया। सिटी मजिस्ट्रेट विनोद कुमार पांडेय ने कहा- सास-बहू के बीच का मामला था। कोर्ट ने सास के पक्ष में फैसला सुनाया था। इसलिए सास को उनके घर में प्रवेश दिलाया गया। ———————— ये खबर भी पढ़िए… देवर की शादी से पहले महिला सिपाही ने जान दी:मासूम बेटी रोए जा रही; लखनऊ में तैनात प्रीति ने लव-मैरिज की थी हरदोई में महिला सिपाही ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। महिला सिपाही प्रीति सिंह (34) लखनऊ के इंदिरानगर थाने में तैनात थी। प्रीति ने घरवालों के खिलाफ जाकर सौरभ से 12 साले पहले लव मैरिज की थी। 7 महीने पहले ही बेटी को जन्म दिया था। घरवालों की नाराजगी की वजह से शादी के बाद से ही दोनों सौरभ के चाचा के घर पर रहते थे। पूरी खबर पढ़िए…


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