प्रयागराज में कोडीनयुक्त कफ सिरप की भारी मात्रा में अवैध खरीद-फरोख्त का बड़ा मामला सामने आया है। औषधि निरीक्षक मलाक चौधरी, मिर्जापुर चौहारी, तहसील सोरांव द्वारा की गई जांच के आधार पर एयरपोर्ट थाने में फर्म मेसर्स एम के हेल्थकेयर और उसके प्रोप्राइटर मो. सैफ पुत्र मो. अनीस के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। दिल्ली में होने का बहाना, फर्म बंद मिली
15 अक्टूबर 2025 को सहायक आयुक्त (औषधि) कानपुर द्वारा भेजे गए निर्देश पर औषधि निरीक्षक ने फर्म का निरीक्षण किया। इस दौरान फर्म बंद मिली। प्रोप्राइटर सैफ ने फोन पर खुद को दिल्ली में होना बताया और दो दिन में उपस्थित होकर जांच कराने की बात कही। अगले दिन उसके भाई फैजुर रहमान ने कुछ बिक्री अभिलेख निरीक्षक को सौंपे। 89600 बोतल कफ सिरप की संदिग्ध खरीद-फरोख्त
जांच में सामने आया कि फर्म ने अग्रवाल एंड ब्रदर्स से 89600 Escuf सिरप खरीदा था। लेकिन इसके क्रय-विक्रय के पूरे रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किए गए। इससे संदेह और गहरा हुआ। करीब 9.67 लाख बोतल ‘New Phensedyl’ की खरीद का खुलासा
लखनऊ से प्राप्त एक्सेल शीट के आधार पर जब प्रदेशभर के रिकॉर्ड खंगाले गए, तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। फर्म एम के हेल्थकेयर ने New Phensedyl Cough Syrup की 967724 बोतलें विभिन्न तारीखों में खरीदी थीं। ये सभी कोडीनयुक्त नॉरकोटिक कैटेगरी की औषधियां हैं, जिनका बिना चिकित्सीय उपयोग भारी अपराध है। रिकॉर्ड प्रस्तुत न करने पर लाइसेंस निरस्त
कई बार नोटिस दिए जाने के बावजूद फर्म ने न तो पिछले एक वर्ष का शिड्यूल्ड व नार्कोटिक औषधियों का रिकॉर्ड दिया, न ही फर्म का भौतिक सत्यापन कराया। स्थिति को गंभीर देखते हुए औषधि विभाग ने थोक औषधि बिक्री लाइसेंस, गोदाम लाइसेंस 20 नवंबर 2025 को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन, नशे के लिए अवैध बिक्री की आशंका
औषधि विभाग की जांच में पाया गया कि फर्म ने कोडीनयुक्त कफ सिरप को भारी मात्रा में गैर-चिकित्सकीय, नशे के रूप में उपयोग करने वाले नेटवर्क को बेचा है। यह कृत्य औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940, स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम 1985 तथा भारतीय न्याय संहिता 2023 के कई प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है। नोटिस मिलने के बावजूद स्पष्टीकरण न देना, जांच से बचना और दस्तावेज प्रस्तुत न करना भी अलग अपराध माना गया है। एफआईआर दर्ज
औषधि निरीक्षक संंतोष कुमार पटेल की शिकायत पर एयरपोर्ट थाने में प्रोप्राइटर मो. सैफ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब रिकॉर्ड, सप्लाई चैन और पूरी अवैध नेटवर्क की कड़ियां खंगालने में जुट गई है। औषधि विभाग का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में कफ सिरप की खरीद किसी व्यापक अवैध नेटवर्क की ओर इशारा करती है। जांच में और फर्मों व व्यक्तियों के नाम सामने आने की संभावना है। औषधि निरीक्षक ने बताया कि गड़बड़ी पाए जाने पर एफआईआर दर्ज करा दी गई है।
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