कानपुर विश्वविद्यालय स्ववित्त पोषित शिक्षक संघ की कार्यकारिणी की बैठक सोमवार को कैंप कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लागू कैशलेस मेडिकल सुविधा में अनुदानित और स्ववित्त पोषित शिक्षकों को शामिल न किए जाने पर कड़ा विरोध जताया गया। शिक्षकों ने इसे भेदभावपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने पर चर्चा की। बैठक में बताया गया कि 8 फरवरी को एकदिवसीय अधिवेशन आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न जिलों की शिक्षक इकाइयों का गठन कर संगठन को मजबूती दी जाएगी। इस दौरान विश्वविद्यालय से जुड़ी कई लंबित समस्याओं को भी उठाया गया। शिक्षकों ने कहा कि वर्ष 2021 से यात्रा भत्ता का भुगतान नहीं किया गया है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय द्वारा पूर्व में की गई घोषणा के बावजूद स्ववित्त पोषित शिक्षकों को अब तक शोध निर्देशक न बनाए जाने को लेकर भी नाराजगी जताई गई। शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आगे आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। बैठक में संगठन की आगे की रणनीति पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में अध्यक्ष डॉ. कमलेश यादव, महामंत्री डॉ. अखंड प्रताप सिंह, डॉ. बृजेंद्र सेंगर, डॉ. पुष्पलता, डॉ. आर.पी. सिंह, डॉ. अनिल आहूजा, डॉ. एस.के. शुक्ला, डॉ. बृजेश यादव, डॉ. इंद्रदेव, डॉ. जितेंद्र मोहन, डॉ. पुष्पा यादव, डॉ. कप्तान सिंह, डॉ. हितेश कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।
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