देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट देश के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक मजबूत कदम है। इस बजट में कुल 53 लाख 47 हजार 315 करोड़ रुपये के वार्षिक व्यय का प्रावधान किया गया है, जो देश को प्रगति के पथ पर आगे ले जाने में सहायक सिद्ध होगा। बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उरई विधायक गौरीशंकर वर्मा ने इसे “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” की भावना को साकार करने वाला बताया। उरई विधायक गौरीशंकर ने कहा कि यह बजट विशेष रूप से आमजन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। मजदूर, किसान, व्यापारी, श्रमिक और मध्यम वर्ग सभी के लिए इसमें कुछ न कुछ विशेष प्रावधान किए गए हैं। कोरोना काल के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने उस वर्ग पर विशेष फोकस किया है, जो रोज कमाता और रोज खाता है। रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कीमतें कम रखने की योजना बनाकर आम जनता को राहत देने का प्रयास किया गया है, जबकि बड़ी कंपनियों और अधिक लाभ कमाने वाले व्यापारिक वर्ग पर टैक्स बढ़ाकर संतुलन बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि बजट में दिव्यांगजनों के लिए सुविधाएं बढ़ाई गई हैं, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्रत्येक जिले में जिला अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने का प्रावधान किया गया है। साथ ही, बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए छात्रावासों और शैक्षणिक सुविधाओं पर विशेष जोर दिया गया है। कृषि क्षेत्र को देश की रीढ़ बताते हुए विधायक ने कहा कि किसानों की फसलों जैसे गेहूं, मूंगफली, दालों आदि के उचित मूल्य सुनिश्चित करने की दिशा में यह बजट अहम साबित होगा। देश की सुरक्षा को लेकर भी बजट में पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं। सीमाओं की सुरक्षा, आधुनिक संसाधनों और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके अलावा व्यापार, उद्योग, मेट्रो रेल परियोजनाओं, मेडिकल कॉलेजों और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को भी प्राथमिकता दी गई है।
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