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किसान नेता ने इंस्पेक्टर को वर्दी फाड़ने की धमकी दी:भाकियू अराजनैतिक ने SSP दफ्तर घेरा, कहा- गोली चलाओ, जेल भेजो

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में शनिवार को भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के कार्यकर्ताओं ने एसएसपी कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन के प्रदेश युवा उपाध्यक्ष दिगंबर सिंह ने एक पुलिस इंस्पेक्टर को वर्दी फाड़ने की धमकी दे दी। यह घटना उस समय हुई, जब प्रदर्शन के दौरान किसान संगठन की ओर से एसएसपी कार्यालय पर एक बैनर लगाया गया। सिविल लाइंस थाने के इंस्पेक्टर आशुतोष ने बैनर हटाने को कहा, जिस पर दिगंबर सिंह भड़क गए। हालांकि बाद में उन्होंने अपने बयान पर माफी मांगी। “वर्दी फाड़ देंगे…” माइक से दी खुली धमकी दिगंबर सिंह ने माइक से बोलते हुए इंस्पेक्टर को खुले शब्दों में धमकी दी। उन्होंने कहा, “वर्दी फाड़ देंगे, नहीं तो तुम गोली चलाओ, लाठी चलाओ, जेल भेजो, जो तुम्हें करना है कर लो। हम करवाने के लिए ही आए हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने डीएम उमेश कुमार मिश्रा को समझाकर भेजा था और उन्हें भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के कार्यकर्ताओं के बारे में पूरी जानकारी है। दिगंबर सिंह ने यह भी दोहराया कि वे मुकदमों से नहीं डरते। कचरा और आरडीएफ विवाद बना प्रदर्शन की वजह दरअसल, पिछले कुछ दिनों से जनपद में बढ़ते प्रदूषण और फैक्ट्रियों में आरडीएफ के नाम पर जलाए जा रहे कूड़े-कचरे को लेकर भारतीय किसान यूनियन टिकैत और भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान दोनों संगठनों के बीच आपसी आरोप-प्रत्यारोप भी सामने आ रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर ऐसे ट्रकों को रोक रहे हैं, जिनके बारे में उनका दावा है कि वे बाहर से कचरा लाकर फैक्ट्रियों में जलाने के लिए लाए जा रहे हैं। इसको लेकर जनपद की ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने भी किसान संगठन पर ट्रांसपोर्टरों को परेशान करने का आरोप लगाया है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि जिन ट्रकों को किसान संगठन कचरा बता रहा है, वह आरडीएफ है और उसके लिए उनके पास वैध अनुमति है। इन्हीं विवादों के बीच शनिवार को भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) से जुड़े कार्यकर्ताओं और किसानों ने एसएसपी कार्यालय का घेराव किया। धमकी के बाद बदले तेवर, खुले मंच से मांगी माफी प्रदर्शन के दौरान पुलिस की सख्ती के बाद हालात बदले। जो दिगंबर सिंह कुछ देर पहले पुलिस को वर्दी फाड़ने की धमकी दे रहे थे, वही थोड़ी देर बाद अधिकारियों के सामने खुले मंच से माफी मांगते नजर आए। दिगंबर सिंह ने कहा, “थोड़ा जोर पड़ गया। हम बिना बुलाए सार्वजनिक रूप से बारात लेकर आ गए। इसके लिए हम तह दिल से माफी मांगते हैं। पुलिस का इकबाल बुलंद रहना चाहिए। हम वर्दी का बहुत सम्मान करते हैं। हमारे किसी भाई से कोई गलत बात हो गई हो तो हम उसके लिए क्षमाप्रार्थी हैं।” उन्होंने आगे कहा कि कचरे को लेकर डीएम द्वारा आदेश दिए गए हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को सीज किया जाए और पुलिस का इकबाल कायम रहना चाहिए। राष्ट्रीय प्रवक्ता बोले- आरोप निराधार, जांच हो तो जेल जाने को तैयार वहीं, भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पिछले कई दिनों से कचरे और आरडीएफ को लेकर माहौल गरमाया हुआ है। उन्होंने कहा, “आज मुझे पहली बार एहसास हुआ कि इस मुद्दे को लेकर जनमानस में कितना गुस्सा है। यहां आए सभी लोगों को मैंने नहीं बुलाया है, यह मैं स्पष्ट कहना चाहता हूं।” धर्मेंद्र मलिक ने ट्रांसपोर्टरों पर सवाल उठाते हुए कहा कि ट्रांसपोर्टर का चोला ओढ़कर ज्ञापन देने वालों से यह पूछा जाना चाहिए कि उनके कितने ट्रक हैं और किस नाम से उनकी ट्रांसपोर्ट पंजीकृत है। उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए 10 हजार रुपये रंगदारी मांगने के आरोप को सिरे से खारिज करते हुए कहा, “अगर मैंने पैसे मांगे हैं और जांच में यह साबित हो जाता है तो मैं जेल जाने के लिए भी तैयार हूं। लेकिन अगर आरोप झूठे हैं तो उन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।” उन्होंने मांग की कि पुलिस निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाए और यदि उनके खिलाफ आरोप गलत हैं तो इसकी स्पष्ट रिपोर्ट दी जाए।


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