अमरोहा के नौगांवा सादात थाना क्षेत्र में सात महीने पहले एक किसान को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में लॉटरी का काम करने वाले मारूफ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश पर की गई है। याहियापुर गांव निवासी धर्मपाल सिंह के बेटे हरवेंद्र का मखदुमपुर गांव के मारूफ से परिचय था। हरवेंद्र के मारूफ पर दो कमेटी के पैसे उधार थे, जिन्हें मारूफ कथित तौर पर वापस नहीं कर रहा था। 13 जुलाई 2025 को मारूफ ने हरवेंद्र को फोन कर कमेटी के पैसे ले जाने के लिए बुलाया। हरवेंद्र को बीज और दवाई की दुकानदारों को भुगतान करना था, इसलिए वह घर से 70 हजार रुपये लेकर गया था। हालांकि, वह शाम तक घर नहीं लौटा। परिवार के सदस्यों ने हरवेंद्र की तलाश शुरू की और पीलाकुंड गांव की तरफ पहुंचे। वहां रामनिवास के खेत में एक सेमल के पेड़ से रस्सी के फंदे पर हरवेंद्र का शव लटका मिला। पुलिस ने मौके से हरवेंद्र का मोबाइल फोन कब्जे में ले लिया था। 11 जुलाई 2025 को थाना पुलिस ने हरवेंद्र का फोन परिवार को वापस किया। परिवार ने जब हरवेंद्र के मोबाइल की व्हाट्सएप चैट देखी तो उसमें पांच मैसेज मिले। इन मैसेज में लिखा था, “मारूफ आज तूने अच्छा नहीं किया मेरे 70 हजार रुपये छीन कर। यह रुपये घर वालों के थे, अब मैं क्या करूं बता, मेरे पास कोई रास्ता नहीं है सुसाइड के अलावा। मैं तेरी वजह से मर रहा हूं मारूफ बस और कोई बात नहीं है।” हालांकि, ये मैसेज मारूफ तक डिलीवर नहीं हो पाए थे। धर्मपाल सिंह ने इस संबंध में पुलिस से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। सीओ अवधभान भदोरिया ने बताया कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर मारूफ के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
https://ift.tt/g1h3zYj
🔗 Source:
Visit Original Article
📰 Curated by:
DNI News Live

Leave a Reply