अयोध्या में एक किशोरी की हत्या के मामले में पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। इनमें पिता-पुत्र भी शामिल हैं। अदालत ने उन पर 1.90 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में चार अन्य सह-अभियुक्तों को साढ़े आठ साल की जेल और प्रत्येक पर 10-10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम सुरेंद्र मोहन सहाय ने सुनाया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना वर्ष 2018 में अयोध्या के थाना कोतवाली क्षेत्र के दरगाह बगिया गांव में हुई थी। 14 जुलाई को शाम चार बजे गांव के करिया, हृदय राम, खुशीराम की पत्नी रीता, उनके बेटे अमरनाभ, सुरेश, अनिल और अनिल की पत्नी शोल्ला ने मंजू के घर पर ईंट, गुम्मा और लाठी-डंडों से हमला किया था। पुलिस को सूचना मिलने पर सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। इसी दौरान, करिया, हृदयराम, अमरनाभ, खुशीराम और सुरेश ने मंजू के घर में आग लगा दी। घर के अंदर मौजूद किशोरी सुरैना आग से गंभीर रूप से झुलस गई, जिसकी अगले दिन लखनऊ में मृत्यु हो गई। इस मामले में कोतवाली अयोध्या में नौ आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। तत्कालीन कोतवाल विनोद बाबू जगदीश प्रसाद ने मामले की विवेचना कर आरोप पत्र अदालत में प्रस्तुत किया था। अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपने साक्ष्य प्रस्तुत किए। सजा सुनाने के बाद सभी दोषसिद्ध अभियुक्तों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जेल भेज दिया गया। न्यायाधीश ने आदेश दिया है कि जुर्माने की कुल धनराशि में से 1.20 लाख रुपये मृतका सुरैना की मां मंजू को बतौर क्षतिपूर्ति दिए जाएं।
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