जालौन में किशोरी से छेड़खानी के एक मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर उसे अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। यह मामला उरई कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का है। पीड़िता के पिता ने 15 मई 2019 को पुलिस को तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि गांव का ही रहने वाला देवेंद्र कुमार उनकी छह वर्षीय बेटी को बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया और उसके साथ छेड़खानी की। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत रिपोर्ट दर्ज की और आरोपी देवेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने 27 जुलाई 2019 को आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से वादी सहित अन्य महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। अभियोजन ने साक्ष्यों और गवाहों के माध्यम से आरोपों को प्रमाणित किया, जबकि बचाव पक्ष ने अपने तर्क प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने निर्णय सुरक्षित रखा था। सुनवाई पूरी होने के उपरांत विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) मोहम्मद कमर ने गवाहों के बयानों और प्रस्तुत साक्ष्यों को विश्वसनीय मानते हुए आरोपी देवेंद्र कुमार को दोषी करार दिया। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि नाबालिगों के विरुद्ध ऐसे अपराध समाज के लिए अत्यंत गंभीर हैं और ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक है। इसी आधार पर आरोपी को पांच वर्ष के कठोर कारावास तथा दस हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया। इस मामले में अभियोजन पक्ष की तरफ से शासकीय अधिवक्ता रणकेंद्र सिंह भदौरिया और विश्वजीत गुर्जर ने पैरवी की।
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