समाजवादी पार्टी (सपा) ने बुधवार को कासगंज जिले में जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान सपा नेताओं ने अपर जिलाधिकारी दिग्विजय सिंह को एक ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए दावा किया कि मुस्लिम और यादव बहुल तथा सपा बहुल गांवों में सुनियोजित तरीके से वोट काटे जा रहे हैं। कासगंज के सपा जिलाध्यक्ष विक्रम यादव द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि जनपद की तीनों विधानसभाओं में थोक में वोट काटने की नीयत से फॉर्म नंबर 7 का दुरुपयोग किया जा रहा है। इन फॉर्मों में प्रिंटेड नाम डालकर, उसी गांव के व्यक्ति को शिकायतकर्ता बनाकर, फर्जी मोबाइल नंबर दर्ज किए जा रहे हैं। ज्ञापन में यह भी बताया गया है कि जिन व्यक्तियों के वोट पर आपत्ति की जा रही है, उनका पता भी गलत लिखा जा रहा है। इसका उद्देश्य यह है कि जब बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) मौके पर जाएं तो वह व्यक्ति न मिले, जिससे उसका वोट आसानी से काटा जा सके। सपा ने इस प्रक्रिया में तहसील स्तर के बड़े अधिकारियों की संलिप्तता का भी आरोप लगाया है। जिलाध्यक्ष विक्रम यादव ने कई अन्य अनियमितताओं का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कासगंज शहर के मुस्लिम बहुल इलाकों में बीएलओ द्वारा नए वोट बनाने के फॉर्म नहीं लिए जा रहे हैं। साथ ही, जनपद के समस्त समाजवादी पार्टी बहुल क्षेत्रों में बीएलओ को वोट बढ़ाने के लिए बहुत कम संख्या में फॉर्म दिए गए हैं। सपा ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा स्पेशल इनरोलमेंट रिवीजन (एसआईआर) सूची में त्रुटि के नाम पर डेढ़ लाख नोटिस देने की तैयारी की जा रही है, ताकि विपक्ष के वोट आसानी से काटे जा सकें। पार्टी का तर्क है कि यदि कोई त्रुटि थी, तो उसे ठीक कराना बीएलओ की जिम्मेदारी थी। विधानसभा कासगंज क्षेत्र के कई बूथों पर भी इसी तरह की अनियमितताओं का जिक्र किया गया है।
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