विमान हादसे में निधन हुए महाराष्ट्र के पूर्व उप मुख्यमंत्री अजित दादा पवार की अस्थि कलश वाराणसी के अस्सी घाट पर पहुंची जहां मिर्जापुर से आए कार्यकर्ताओं ने हरिशचंद्र घाट के सामने उसका विसर्जन किया। एनसीपी कार्यकर्ता मिर्जापुर निवासी अरुण दुबे ने बताया किआज अजित दादा का दसवां है। उन्होंने हमें उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी दी गई थी। हम लोग मिर्जापुर से अस्थि कलश लेकर काशी पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि अस्थि कलश लेने के लिए वे पहले दिल्ली गए थे। वहां से कलश लेकर मिर्जापुर पहुंचे, जहां शोक सभा का आयोजन किया गया। इसके बाद पूरे विधि-विधान के साथ सभी लोग वाराणसी आए हैं। इस कार्यक्रम में एनसीपी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, राष्ट्रवादी युवक कांग्रेस के सदस्य और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में शामिल रहे। देश के प्रमुख नदियों में हो रहा अस्थि विसर्जन अरूण दूबे ने कहा – अजित पवार को महाराष्ट्र में स्नेहपूर्वक अजित दादा कहा जाता था। उनका अचानक निधन पूरे देश के लिए अपूर्णीय क्षति है। अजित दादा का नेतृत्व केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं था। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक उनकी विचारधारा को मानने वाले लोग रहते हैं। उन्होंने बताया कि अनेक लोग अजित पवार के अंतिम दर्शन नहीं कर सके। इसलिए परिजनों से आग्रह कर उनकी अस्थियों को देश की प्रमुख पवित्र नदियों में विसर्जित किया जा रहा है। विमान हादसे में हुआ था निधन अजित पवार का 28 जनवरी को बारामती एयरपोर्ट पर एक चार्टर्ड विमान दुर्घटना में निधन हो गया था। यह हादसा उस समय हुआ, जब विमान लैंडिंग की कोशिश कर रहा था। विमान रनवे से पहले गिर गया और उसमें आग लग गई। इस दुर्घटना में अजित पवार के साथ दो पायलट, एक महिला क्रू मेंबर और एक सुरक्षाकर्मी समेत कुल 5 लोगों की मौत हुई थी। हादसे से जुड़ा एक सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया था, जिसमें विमान को गिरते हुए देखा गया।
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