सुमेरू पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती काशी पहुंचे। उनके आगमन पर संत-समाज और अनुयायियों ने उनका स्वागत किया। काशी प्रवास के दौरान उन्होंने विभिन्न अखाड़ों और संतों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें देश-दुनिया की वर्तमान परिस्थितियों, वैश्विक शांति और मानवता से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक के बाद स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने अंतरराष्ट्रीय घटना पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विश्व में चल रही कई अशांतियों के पीछे बड़ी शक्तियों की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेस्की का उल्लेख करते हुए कहा कि यह स्थिति कहीं न कहीं अमेरिका की नीतियों का परिणाम है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस प्रकार अफगानिस्तान में पहले हस्तक्षेप किया गया, उसी तरह के प्रयोग अन्य देशों में भी किए गए हैं। अमेरिका पाकिस्तान को दे रहा संरक्षण- स्वामी नरेंद्रानंद स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने अमेरिका पर पाकिस्तान को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे वैश्विक स्तर पर अस्थिरता को बढ़ावा मिला है। हाल ही में हुई बम ब्लास्ट की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें निर्दोष लोगों की जान गई, जो अत्यंत दुखद और निंदनीय है। उन्होंने इसे मानवता के विरुद्ध बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं को तत्काल रोका जाना चाहिए। संतो ने कहा – अब सबको एकजुट होने की जरूरत स्वामी नरेंद्रानंद ने मांग की कि संबंधित देश के राष्ट्रपति को मुक्त किया जाए और अमेरिका को अपनी भूमिका के लिए माफी मांगनी चाहिए, ताकि विश्व में शांति, सद्भाव, अमन और चैन स्थापित हो सके। स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि संत-समाज का दायित्व है कि वह सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए विश्व को शांति का संदेश दे। काशी में हुई यह बैठक संत-समाज के बीच वैश्विक मुद्दों पर चिंतन का एक महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है, जिसमें आध्यात्मिक दृष्टि से विश्व शांति की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
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