जालौन के कालपी नगर के मनीगंज इलाके में सब्जी बाजार के स्थानांतरण का विवाद शनिवार को फिर गरमा गया। सब्जी विक्रेताओं ने नए स्थान पर बिक्री कम होने और सुविधाओं के अभाव का हवाला देते हुए पुराने स्थान पर दुकानें लगा लीं। सूचना मिलने पर पुलिस उन्हें हटाने पहुंची, जिसके बाद विक्रेताओं और पुलिस के बीच विवाद बढ़ गया। मामला हंगामे तक पहुंच गया और विक्रेता सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे। उन्होंने पुलिस पर मारपीट और सब्जियां फेंकने का आरोप भी लगाया। मनीगंज क्षेत्र में कई वर्षों से सुबह 5 बजे से 10 बजे तक सब्जी बाजार लगता था। किसान और खुदरा व्यापारी सड़क किनारे दुकानें लगाकर अपनी उपज बेचते थे। हालांकि, पिछले कुछ महीनों से स्कूल बसों, कर्मचारियों और प्रशासनिक अधिकारियों को जाम की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या को देखते हुए, उपजिलाधिकारी कालपी ने नगर पालिका परिषद को सब्जी बाजार को वैकल्पिक स्थान पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के बाद, गत सोमवार को सभी सब्जी विक्रेताओं को पुराने रेलवे स्टेशन रोड पर स्थानांतरित कर दिया गया था। विक्रेताओं का आरोप है कि नए स्थान पर बिक्री बहुत कम हो गई है। साथ ही, बंदरों के आतंक के कारण उनका सामान भी सुरक्षित नहीं रहता। इस स्थिति में उन्हें अपना भविष्य असुरक्षित लग रहा है। इसी कारण शनिवार सुबह सभी विक्रेता वापस मनीगंज के पुराने स्थान पर लौट आए। सूचना मिलते ही रामगंज चौकी प्रभारी विशाल भदाना पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने विक्रेताओं से वैकल्पिक स्थान पर जाने को कहा, लेकिन वे नहीं माने। आरोप है कि जब पुलिस ने जबरन हटाने का प्रयास किया, तो विवाद बढ़ गया और विक्रेता सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे। क्षेत्रीय लोगों ने भी सब्जी विक्रेताओं का समर्थन करते हुए बाजार को पुराने स्थान पर ही रहने की मांग की। सब्जी व्यवसायियों ने पुलिस पर मारपीट करने और सब्जियां फेंकने का आरोप लगाया। हालांकि, कोतवाल अजय ब्रह्म तिवारी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन के निर्देश पर सब्जी बाजार को हटाया गया था और पुलिस ने केवल उन्हीं निर्देशों का पालन किया।
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