कानपुर में शब-ए-बारात की रात पर इबादतगाह गुलजार रहीं। रात में जाग कर इबादत की गई। कब्रिस्तान पहुंचकर अपने पुरखों की कब्रों पर फातिहा कर अल्लाह से उनकी मगफिरत की दुआ मांगी गई। उसके पहले अकीदतमंद कब्रिस्तानों में पहुंचकर कब्रों की सफाई में जुटे रहे। शाम होते ही कब्रों को फूलों से सजाया गया। अगरबत्ती जलाई गई। इत्र की खुशबू लगाई गई। कब्र के पास मोमबत्तियां जलाकर रोशनी की गई। घरों और मस्जिदों में पूरी रात इबादत का सिलसिला जारी रहा। कहीं मिलादें हुईं तो कहीं दरूद-ओ-सलाम पढ़ा गया। यह 3 तस्वीर देखिए…
शब-ए-बरात की रात बेगमपुरवा ईदगाह के बाहर पार्षद अकील शानू ने लोगों सुविधा के लिए सेवा शिविर लगाया गया। शिविर में लोगों को चाय और पीने के पानी का वितरण किया गया।
शिविर का उद्देश्य ईदगाह आने-जाने वाले अकीदतमंदों को राहत पहुंचाना और सामाजिक सौहार्द का संदेश देना रहा। पार्षद अकील शानू ने कहा कि धार्मिक अवसरों पर जनसेवा करना सबसे बड़ी इबादत है। कैंट विधायक हसन रूमी भी मौजूद रहे। उन्होंने सेवा कार्य की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में आपसी भाईचारे और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं। शिविर में मो. मेराज, अयान खान, नौशे खान, शमशुल अंसारी, शमीम सिद्दीकी, दानिश अख्तर, जिब्रान उस्मानी और हमजा अंसारी सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। रातभर इबादत की
चुन्नीगंज, ईदगाह, कर्नलगंज, बाबूपुरवा सहित सभी कब्रिस्तानों में देर रात तक लोगों का आना-जाना लगा रहा। शहर के बकरमंडी, ग्वालटोली, सुजातगंज, जाजमऊ और हलीम कॉलेज क्षेत्र में जलसों का आयोजन हुआ। शहर में हुए जलसे…
बकरमंडी में आयोजित जलसे में शहरकाजी मुफ्ती साकिब अदीब मिस्बाही ने कहा कि शब-ए-बरात की रात ज्यादा से ज्यादा इबादत करें। गुनाहों की माफी मांगें और जरूरतमंदों की मदद करें। उन्होंने कहा कि इस रात अल्लाह की रहमत नाजिल होती है और दुआएं कबूल होती हैं। मौके पर कई उलेमा मौजूद रहे।
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